IND vs ENG: विवाद को भूल अतीत से तलाशने होंगे जीत के रास्ते

By: | Last Updated: Wednesday, 6 August 2014 8:21 AM

मैनचेस्टर: जेम्स एंडरसन मामले में अनुकूल फैसला नहीं आने से निराश भारत कल से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रहे चौथे टेस्ट में चयन की दुविधा से जूझ रहा है कि खराब फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को बाहर किया जाये या एक आखिरी मौका दिया जाये.

 

तीसरे टेस्ट में 266 रन से हारने के बाद भारत को दोहरा झटका तब लगा जब आईसीसी द्वारा नियुक्त जांच आयुक्त ने एंडरसन को दोषी करार नहीं दिया. इन दोहरे झटकों से उबरकर महेंद्र सिंह धोनी की टीम को अब जीत की राह पर लौटना होगा .

 

श्रृंखला फिलहाल 1-1 से बराबर है लेकिन मैदान पर खराब प्रदर्शन और मैदान के बाहर एक लड़ाई हारने के कारण टीम की स्थिति खराब है.

 

भारत को 2007-08 के ऑस्ट्रेलिया दौरे से प्रेरणा लेनी होगी जब आखिरी बार कोई भारतीय क्रिकेटर लेवल तीन के अपराध के मामले में शामिल था.

 

धोनी पूर्व कप्तान अनिल कुंबले का अनुसरण करना चाहेंगे जिन्होंने न सिर्फ मैदान से बाहर मजबूती से अपना पक्ष रखा बल्कि मैदान पर भी टीम को पर्थ टेस्ट में 72 रन से जीत दिलाई.

 

बीसीसीआई और ईसीबी के तमाम प्रयासों के बावजूद धोनी ने जडेजा का समर्थन किया. अब उन्हें मैदान के भीतर भी मोर्चे से अगुवाई करनी होगी.

 

सात साल बाद भी एंड्रयू साइमंड्स और हरभजन सिंह का विवाद सभी को याद है. ऑस्ट्रेलिया ने उस सीरीज में भारत को 2-1 से हराया था. इसी तरह की हार से विदेश में धोनी का टेस्ट क्रिकेट में रिपोर्ट कार्ड और खराब हो जायेगा जिसका आगाज 2011 से हो गया था. धोनी की परेशानियों का हल भी उसी श्रृंखला में है. ट्रेंट ब्रिज और लॉर्डस में भारत ने पांच गेंदबाजों को उतारा था और यह रणनीति आखिरी बार उसी श्रृंखला में एडीलेड में आजमाई गई थी.

 

मुकाबला कल से शुरु होगा लेकिन धोनी को जीत पहले तलाश करनी होगी और विवादों को भूल अतीत से जीत के रास्ते ढूंढ़ने होंगे.

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Web Title: ind vs eng 4th test
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