...तो क्या टीम इंडिया के गब्बर का समय ठीक नहीं चल रहा है?

By: | Last Updated: Wednesday, 17 December 2014 12:39 PM

नई दिल्ली: भारतीय़ टीम के गब्बर यानी शिखर धवन का समय शायद ठीक नहीं चल रहा है और खास तौर पर बात अगर विदेशी सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट की हो तो यह मामला और भी जटिल हो जाता है क्योंकि घरेलू मैदान के बाहर उनका बल्ला ज्यादा खुलकर नहीं बोल पाया है.

शिखर धवन ने अपने टेस्ट करिअर में अब तक 11 टेस्ट मैचों की 19 पारीयों में 36 की औसत से 690 रन बनाए हैं. जबकि पिछले एक साल में नौ टेस्ट मैच में शिखर के नाम 27 की औसत से रन हैं, जो टीम में उनकी जगह पर सवाल उठाता है.

 

जिसके चलते सोमवार को गाबा टेस्ट मैच से पहले धवन को मैदान पर पसीना बहाते भी देखा गया. वह लगातार अपनी कमजोरियों पर काम करते दिखें. एक सपोर्टिंग स्टाफ के साथ बॉलिंग मशीन से प्रेक्टिस के समय धवन ने ऑफ स्टंप से बाहर जाती हुई गेंदो को छोड़ना ही उचित समझा.

 

धवन ने आवाज लगाई कि ‘सिर्फ नया गेंद ही डालना, पुरानी नहीं’. मशीन एक्यूरेसी लाइन पर लगातार बॉल डाल रही थी और धवन एक-एक कर सभी बाल को जाने दे रहे थे.लेकिन एक बार जब धवन का धैर्य जवाब दे गया तो उन्होंने गेंद को ऐसे स्मैश किया जैसे वह उस गेंद से कोई दुश्मनी निकाल रहे है.

अंत में धवन ने कहा कि ‘अब थोड़ा अंदर डालो’ और इस तरह शिखर ने अपने फारवर्ड डिफेंस पर प्रेक्टिस करना शुरु किया. आम तौर पर धवन ने ऑफ साइड की गेंदो पर बढ़िया प्रदर्शन किया है और अच्छे स्कोर भी किए हैं लेकिन इंग्लैंड में उन्हें घुमती गेंदो पर मुश्किलों का सामना करना पड़ा था.

 

इस दौरान कोच डंकन फ्लेचर और टीम के डाइरेक्टर रवि शास्त्री समेत दूसरे लोग जहां खिलखिलाती धूप में वरुण एरोन की बॉलिंग पर काम करते दिखे तो वहीं धवन को सलाह देने के लिए कोई भी खाली नहीं था.

 

टेस्ट में जब किसी ओवर में लगातार उन पर दबाव बनाया जाता है, जब उनके रन बनना बंद हो जाते हैं तो वो एकाग्रता खो बठते हैं. अगर कोई मेडन ओवर खेलना पड़े तो उनके हावभाव में बेचैनी साफ दिख जाती है.

 

टेस्ट खेलना अपने आप में एक अलग कला है, जहां तकनीक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी आप कसौटी पर होते हैं. शिखर के फॉर्म और प्रदर्शन को देखकर तो यही लगता है कि अगली पारी में अगर रन नहीं बने तो युवा खिलाड़ीयों को अपने पैड तैयार रखने चाहिए.

 

धवन अपने घरेलु सरजमी से दूर खेलने में सहज नहीं दिख रहें है. चूंकि शिखर ने अपने टेस्ट करिअर में 11 में से 8 टेस्ट मैच विदेशा सरज़मी पर खेंले हैं जिसके चलते उन्हें रन बनाने के लिए मुश्किलों का सामना करते हुए भी देखा गया. फरवरी में वेलिंगटन में 98रनों की पारी के बाद से धवन ने 2, 12, 29, 7, 31, 6, 37, 25 और 9 रनों की पारीयां ही खेली हैं.

 

खैर जो भी हो लेकिन इंडियन टीम के गब्बर का विदेशी सरजमी पर लगातार फ्लॉप प्रदर्शन ना केवल धवन बल्कि टीम के सेलेक्टर और शिखर के फैन सभी के लिए चिंता का सबब बना हुआ है.

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Web Title: India vs Australia: Time may be running out for Shikhar Dhawan
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