भारत के लचर प्रदर्शन के लिये आईपीएल को दोष देना गलत: पीटरसन

By: | Last Updated: Monday, 25 August 2014 4:45 PM

लंदन: इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने कहा है कि भारत के हाल में इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में शर्मनाक प्रदर्शन के लिये इंडियन प्रीमियर लीग को दोषी ठहराना सरासर गलत है. भारत दो मैचों में पारी के अंतर से पराजित हुआ और उसने श्रृंखला 1-3 से गंवायी.

 

पीटरसन ने कहा, ‘‘आईपीएल को दोष देना और युवा भारतीय खिलाड़ियों की छवि इस तरह पेश करना कि वे टेस्ट क्रिकेट की परवाह नहीं करते, गलत है. ’’ उन्होंने ‘डेली टेलीग्राफ’ में अपने कालम में लिखा है, ‘‘मैं जानता हूं कि विराट कोहली कितना दुखी होगा और मैं जानता हूं कि मुरली विजय ट्रेंटब्रिज में शतक जड़कर और फिर लॉर्डस में शतक के करीब पहुंचकर कितना खुश था. लॉर्डस में टेस्ट मैच खेलना उन सबके लिये सपना सच होने जैसा था. जब भी ये खिलाड़ी रन नहीं बनाते तो हर बार वे उससे आहत होते हैं. ’’

 

इस पूर्व कप्तान ने कहा कि खिलाड़ियों के बजाय भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) पर दोष मढ़ना चाहिए जो खिलाड़ियों को विदेशों के घरेलू टी20 टूर्नामेंटों में खेलने की अनुमति नहीं देता. पीटरसन ने कहा, ‘‘भारत का विदेशों में टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने का कारण आईपीएल नहीं है बल्कि इसकी वजह विदेशों में क्रिकेट खेलने के मौके नहीं मिलना है जो कि भारत से बाहर प्रगति के संदर्भ में बहुत बड़ा नकारात्मक पहलू है. ’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अपने खिलाड़ियों को ट्वेंटी-20 प्रतियोगिताओं में भाग लेने से रोक दिया है क्योंकि वह नहीं चाहता कि आईपीएल के प्रतिद्वंद्वी टूर्नामेंट की प्रसारण अहमियत बढ़े. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल बल्लेबाजों पर ही लागू नहीं होता. भारतीय गेंदबाजों को भी सीखना होगा कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में किस लेंथ पर गेंद करनी है. यहां प्रत्येक खिलाड़ी के लिये अवसर है. हम इंग्लैंड में उनका स्वागत करेंगे. उन्हें अपने घरेलू देश से बाहर खेलने के लिये प्रोत्साहित करने की जरूरत है. ’’

 

पीटरसन ने कहा कि काउंटी क्रिकेट भारतीयों के लिये मददगार हो सकता है जिस तरह से आईपीएल से विदेशी खिलाड़ियों को उपमहाद्वीप की परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में मदद मिली. उन्होंने कहा, ‘‘विदेशी खिलाड़ियों के लिये आईपीएल सीखने की बेहतरीन अकादमी है. जब हम भारत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते हैं तो परिस्थितियां हमारे लिये अनजानी नहीं होती. हमारे में से कुछ खिलाड़ियों के अब भारत में घरेलू मैदान हैं.

 

हम परिस्थितियां और अपने प्रतिद्वंद्वी को जानते हैं. भारतीय खिलाड़ियों के लिये इसका मतलब यह है कि वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथी और प्रतिद्वंद्वी हैं. ’’ पीटरसन ने कहा कि युवा भारतीय बल्लेबाज खुद पर बहुत अधिक दबाव बना देते हैं क्योंकि वे टेस्ट मैचों में शतक जड़ना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘समस्या यह है कि वे खुद पर बहुत अधिक दबाव बना देते हैं क्योंकि वे टेस्ट शतक जड़ने के लिये बेताब रहते हैं और कुछ अवसरों पर सफल होने की इस इच्छा से उनके खेल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. ’’

Sports News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: kevin peterson
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: IPL Kevin Pietersen
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017