अपनी पारी से राहत महसूस कर रहा हूं: राहुल

By: | Last Updated: Thursday, 8 January 2015 10:27 AM

सिडनी: अपने पहले टेस्ट में फ्लॉप रहने के कारण आलोचनाओं का सामना करने वाले युवा भारतीय बल्लेबाज लोकेश राहुल अपने दूसरे टेस्ट में ही पहला शतक जड़ने से राहत महसूस कर रहे हैं. उनके इस शतक की मदद से भारत ने चौथे और अंतिम टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को ठोस जवाब दिया.

 

कर्नाटक का यह 22 वर्षीय बल्लेबाज मेलबर्न में पहली और दूसरी पारी में तीन और एक रन ही बना पाया था लेकिन एससीजी में पारी की शुरूआत करते हुए उन्होंने शतक जड़ा.

 

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राहुल ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘इससे अच्छा महसूस कर रहा हूं. मेलबर्न में वैसा पदार्पण नहीं रहा जिसकी मैंने उम्मीद की थी. मैं यह सोचकर बल्लेबाजी करने उतरा था कि यह मेरा पहला मैच है और आज मैंने जिस तरह की बल्लेबाजी की उससे संतुष्ट हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी करने से मुझे कुछ अधिक समय मिला. मैंने क्रीज पर कुछ समय बिताने की कोशिश की. विकेट काफी धीमा है और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने रन बनाने का मौका नहीं देकर काम मुश्किल कर दिया. मैंने खुद से लगातार कहता रहा कि मुझे पहले सत्र में पूरे समय बल्लेबाजी करनी है जिससे कि मैं दूसरे सत्र में आकर अधिक रन बना सकूं.’’

राहुल ने पहले टेस्ट में छठे और तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की थी और दोनों मौकों पर वह बल्ले की उपरी हिस्सा लगने से कैच देकर पवेलियन लौटे. एससीजी पर हालांकि पहले दिन कैच छोड़ने के बाद पहला शतक जड़ने से इस बल्लेबाज का आत्मविश्वास बढ़ा है.

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राहुल ने कहा, ‘‘मैं अपने उपर गर्व करने से अधिक राहत महसूस कर रहा हूं. मेरा पदार्पण बुरे सपने की तरह था. मैंने इसके बाद आसान कैच टपकाया. मैं खुद से लगातार कह रहा था मुझे अब धैर्य दिखाना होगा. निश्चित तौर पर बल्लेबाजी क्रम में उपर खेलने से मुझे कुछ अधिक समय मिला.’’ राहुल ने अपनी इस पारी के दौरान कप्तान विराट कोहली (नाबाद 140) के साथ तीसरे विकेट के लिए 141 रन की साझेदारी भी की और मुश्किल समय में साथ देने के लिए टीम के साथियों और सहायक स्टाफ को धन्यवाद भी दिया.

 

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उन्होंने कहा, ‘‘डंकन फ्लेचर और रवि शास्त्री ने काफी मदद की. वह नेट पर और मैच के बाद मुझसे काफी बात कर रहे थे. उन्होंने मुझे पिच पर अधिक समय बिताने को कहा और इसके बाद सब कुछ आसान लगने लगा.’’ बेंगलूर के राहुल दिग्गज भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के शहर के ही नहीं हैं बल्कि दोनों का नाम भी समान है और इस युवा ने अपने आदर्श से मिली सलाह का भी खुलासा किया.

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उन्होंने कहा, ‘‘राहुल द्रविड़ जब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल रहे होते थे तो वह हमारे साथ ट्रेनिंग करते थे और इससे हमें उनसे बात करने का मौका मिलता था. वह हमेशा अपने अनुभव साझा करते थे. उन्होंने हमेशा अच्छी सलाह दी. वह हमेशा अच्छे आदर्श रहे.’’

 

 

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Web Title: lokesh rahul
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