लॉर्ड्स में मिली जीत क्यों है ख़ास, जानें 15 रोचक तथ्य

By: | Last Updated: Tuesday, 22 July 2014 6:25 AM

नई दिल्ली: लॉर्ड्स के मैदान पर 28 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में भारत को जीत मिली. लॉर्ड्स को क्रिकेट का मक्का कहा जाता है और 1986 के बाद इस मैदान पर कभी भारतीय टीम को जीत नहीं मिली थी. धोनी और उनकी टीम के धुरंधरों ने 28 साल बाद ये कमाल किया है.

आखिर लॉर्ड्स के मैदान पर जीत के मायने क्या हैं? आइए जानते हैं!

 

1. साल 1986 में मिली जीत के 28 साल बाद भारत ने लॉर्ड्स में जीत का स्वाद चखा. धोनी की कप्तानी ने इंग्लैंड को 95 रनों से हराया है. 

 

2. 1986 में कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने तब लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड को पांच विकेट से हराया था.

 

3. लॉर्ड्स में 82 साल के इतिहास में भारतीय टीम अब तक सिर्फ एक ही टेस्ट मैच जीत पाई थी. ये दूसरी जीत है.

 

4. अब तक यहां खेले गए 16 टेस्ट मैचों में भारत 11 बार हारा जबकि चार मैच बेनतीजा रहे हैं.

 

5. हार का ये सिलसिला 54 सालों तक जारी रहा. 1932 से 1986 के बीच इन 54 सालों में टीम इंडिया दो टेस्ट ड्रॉ कराने में कामयाब रही लेकिन जीत नहीं मिली.

 

6. 54 साल बाद 1986 में लॉर्ड्स के मैदान में कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया पहली बार 5 विकेट से टेस्ट मैच जीती थी.

 

7. लॉर्ड्स के मैदान में टीम इंडिया साल 1932 में पहली बार मैच खेलने उतरी थी और तब इंग्लैड ने टीम इंडिया को 152 रनों की करारी शिकस्त दी थी.

 

8. धोनी औक विराट कोहली को छोड़कर टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी पहली बार लॉर्ड्स में उतरे.

 

9. भुवनेश्वर कुमार के लिए ये टेस्ट सीरीज़ ऐतिहासिक है. लगातार दो टेस्ट की एक-एक पारी में पांच-पांच विकेट और अर्धशतक बनाने वाले तीसरे ऑल राउंडर बन गए हैं.

 

10. लॉर्ड्स के मैदान में रन बनाना आसान नहीं होता. लॉर्ड्स के लगभग 200 साल के इतिहास में सिर्फ तीन बार ही 200 रन या इससे बड़े लक्ष्य को हासिल कर कोई टीम जीत दर्ज कर सकी है.

 

11. क्रिकेट का भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंडुलकर भी लॉर्ड्स के मैदान में कभी शतक नहीं लगा पाए. यहां गावस्कर जैसे बड़े-बड़े खिलाड़ियों के पसीने छूट गए. पिछली सीरीज में द्रविड लॉर्ड्स के मैदान में शतक लगाने में जरूर कामयाब रहे थे.

 

12. लॉर्ड्स के मैदान में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए जीतने का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के नाम है.

 

13. 1986 की टीम में रोजर बिन्नी खेल रहे थे, जबकि इस बार उनके बेटे स्टुअर्ट बिन्नी विजेता टीम के हिस्सा रहे.

 

14. 1986 के टेस्ट में रोजर बिन्नी ने पहली पारी में नौ रन बनाए थे, और अब स्टुअर्ट बिन्नी ने भी पहली पारी में नौ ही रन बनाए.

 

15 1986 के मैच में रोजर बिन्नी दूसरी पारी में बल्लेबाजी नहीं कर पाए थे और अब बेटा स्टुअर्ट बिन्नी शून्य पर आउट हो गए.

 

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