मैं अलग तरीके से विरोध करती: मैरीकोम

By: | Last Updated: Sunday, 5 October 2014 2:51 PM
mary kom

नई दिल्ली: एशियाई खेलों के पदक वितरण समारोह के दौरान पोडियम पर सरिता देवी के रोते हुए विरोध करने के पीछे के भावनात्मक क्षण को दिग्गज मुक्केबाज एमसी मैरीकोम समझ सकती हैं लेकिन उन्होंने कहा कि अगर उन्हें भी इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़ता तो वह अलग तरीके से विरोध करती.

 

एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी मैरीकोम ने कहा कि वह इस विवाद में अधिक नहीं बोलना चाहती लेकिन वह अपनी साथी मणिपुरी मुक्केबाज का समर्थन करती हैं.

 

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और पांच बार की विश्व चैम्पियन मैरीकोम ने कहा, ‘‘मैं अब इस पर और टिप्पणी नहीं करना चाहती. मुझे उसके लिए दुख है. उसे सेमीफाइनल मुकाबला जीतना चाहिए था. मुझे उसकी पीड़ा का अहसास है और उसके द्वारा उठाए गए मुद्दे का पूरी तरह से समर्थन करती हूं लेकिन निजी तौर पर मैं अलग तरीके से विरोध करती लेकिन यह नहीं बता सकती कि कैसे. यह मेरा निजी नजरिया है लेकिन मैं उसका समर्थन करती हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उम्मीद करती हूं कि जज और रैफरी सभी प्रतियोगिताओं में निष्पक्ष रहेंगे. मैं इस पर इससे अधिक और कुछ नहीं कह सकती.’’ अपने पहले ही राउंड के मुकाबले में कोरियाई खिलाड़ी को हराने वाली मैरीकोम ने कहा कि उन्हें निजी तौर पर अपने किसी मुकाबले में कुछ गलत नहीं लगा.

 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पहले ही दौर में कोरियाई खिलाड़ी का सामना करना पड़ा. एकमात्र अंतर मैं यह बता सकती हूं कि सरिता के मामले में यह 70 प्रतिशत सरिता और 30 प्रतिशत (जिना) पार्क था. लेकिन मेरे मुकाबले में 100 प्रतिशत मैरी था.’’तीन बच्चों की मां मैरीकोम ने कहा कि उन्हें प्रतियोगिता में एक भी कड़े मुकाबले का सामना नहीं करना पड़ा. उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मेरे लिए वहां सभी मुकाबले आसान रहे. मैंने रिंग में उतरने से पहले उनमें से किसी को हल्के में नहीं लिया लेकिन आसानी से जीत दर्ज करने में सफल रही. मुकाबले थकाने वाले लेकिन आसान थे.’’ ग्वांग्झू में 2010 में हुए पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली मणिपुर की इस मुक्केबाज ने कहा, ‘‘जहां तक प्रतिस्पर्धा का सवाल है तो मुझे लगता है कि यह लगभग वैसा ही है जैसा कि ग्वांग्झू एशियाई खेलों के दौरान था. इसमें काफी बदलाव नहीं हुआ लेकिन मैं निजी तौर पर फिट और मजबूत महसूस कर रही हूं.’’ मैरीकोम ने हालांकि कहा कि उन्होंेने कोरिया के जेजू आइलैंड में 13 नवंबर से होने वाली विश्व चैम्पियनशिप को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता. मैंने अब तक इसके बारे में नहीं सोचा है. इस महीने के अंत में मैं फैसला करूंगी कि मुझे जाना है कि नहीं.’’ भविष्य के बारे में पूछने पर मैरीकोम ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य रियो ओलंपिक 2016 में स्वर्ण पदक जीतना है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं वहां स्वर्ण पदक जीतना चाहती हूं. मैं इसके लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी.’’

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