Melbourne_World Cup 2015_quarter final_match_India_Bangladesh_icc president mustafa kamal

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By: | Updated: 20 Mar 2015 04:11 PM

मेलबर्न/नई दिल्ली: बांग्लादेश के क्रिकेट प्रशंसकों के बाद अब अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष बांग्लादेश के मुस्तफा कमाल ने आशंका जताई है कि आईसीसी विश्व कप-2015 के क्वार्टर फाइनल में अंपायरों ने जानबूझकर गलत अंपायरिंग कर भारतीय टीम को फायदा पहुंचाया.

 

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने हालांकि इस तरह के आरोपों को खारिज कर दिया है.कमाल ने कहा था कि हो सकता है कि उनके देश को इस टूर्नामेंट से बाहर करने के लिए ऐसा किया गया हो.

 

ढाका में एबीपी न्यूज के अनुसार कमाल ने कहा, "मैं इस पर कुछ भी साफ-साफ नहीं कह सकता लेकिन ऐसा लगता है कि जानबूझकर यह किया गया. मुझे पता है कि क्रिकेट में अंपायरों से अक्सर गलती होती है लेकिन भला एक साथ 10-12 फैसले किस प्रकार गलत हो सकते हैं." कमाल के अनुसार, ऐसी अंपायरिंग देखकर वह खुद हैरान हैं.

 

कमाल ने कहा, "मैं वहां मैदान में मौजूद था. जो भी हुआ वह मैंने देखा. एक मैच में इतनी सारी गलतियां नहीं हो सकतीं. इससे निश्चित रूप से प्रशंसक गुस्से में हैं."

 

कमाल ने साथ ही कहा कि इस मुद्दे को आगामी आईसीसी की बैठक में उठाया जाएगा. कमाल के अनुसार, वह मेलबर्न क्रिकेट मैदान (एमसीजी) में बड़े स्क्रिन पर भारत के पक्ष में लिखे नारों को भी देखकर हैरान थे जिसमें लिखा था, "जीतेगा भई जीतेगा, इंडिया जीतेगा."

 

कमाल ने कहा कि यह आईसीसी के नियमों का उल्लंघन है और इसे देखकर ऐसा लग रहा था कि विजेता का फैसला मैच से पहले ही कर दिया गया हो.

 

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) भी क्वार्टर फाइनल में हुए खराब अंपायरिंग की शिकायत आईसीसी में दर्ज कराएगी.

 

इन आरोपों के बाद आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने हालांकि कहा कि कमाल ने यह बयान आईसीसी अध्यक्ष के तौर पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर दिया है.

 

रिचर्डसन ने कहा, "आईसीसी ने मुस्तफा कमाल की टिप्पणी पर गौर किया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. मैचों की आलोचना करते समय उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि वह आईसीसी अध्यक्ष हैं. साथ ही उन्हें आईसीसी की ईमानदारी पर भी संदेह नहीं करना चाहिए. जहां तक नो बॉल पर विवाद का सवाल है तो खेल भावना के अनुसार अंपायर का फैसला आखिरी होता है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए."

 

गौरतलब है कि गुरुवार को हार के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सैकड़ों प्रशंसक सड़कों पर निकल आए और अंपायरों का पुतला जताया.

 

बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर ने भी कमाल के बयान का जवाब देते हुए कहा है कि भारत अपने दम से इस मैच को जीतने में कामयाब रहा.

 

अनुराग ठाकुर ने कहा, "उन्होंने कुछ मुद्दे उठाए हैं और इसका उन्हें पूरा अधिकार है. उन्हें हालांकि उचित तरीके से अपनी बात उठानी चाहिए. वह आईसीसी के अध्यक्ष हैं और उन्हें वहां इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए."

 

गौरतलब है कि सबसे बड़ा विवाद भारतीय पारी की 40वें ओवर में पैदा हुआ जब रुबेल हुसैल की एक गेंद पर 90 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे रोहित शर्मा का शॉट डीप क्षेत्र में सीमारेखा के पास कैच कर लिया गया. अंपायर ने हालांकि गेंद को कमर से ऊपर का हवाला देते हुए नो हॉल करार दिया.

 

टेलीविजन रिप्ले में हालांकि यह साफ हुआ कि वह गेंद नियमों के अनुरूप थी. रोहित ने यहां 137 रनों की पारी खेली.

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