क्रिकेट डिप्लेमेसी: जब मेलबर्न में कप्तान मोदी के संग होंगे कपिल देव और गावस्कर

By: | Last Updated: Wednesday, 12 November 2014 4:43 PM
modi cricket diplomacy

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिनों के विदेश दौरे पर हैं और इसमें से करीब पांच दिन वो ऑस्ट्रेलिया में होंगे. नरेंद्र मोदी इस मौके पर पहली बार दो महान भारतीय क्रिकेटरों को अपने साथ ले जा रहे हैं.

 

ये हैं 1983 की विश्व विजेता टीम के दो धुरंधर, कप्तान कपिल देव और सुनील गावस्कर. इसे मोदी की क्रिकेट डिप्लेमेसी कहा जा रहा है और इस टीम के कप्तान हैं पीएम नरेंद्र मोदी.

 

ये मोदी की वो नई टीम है जिसे लेकर मोदी ऑस्ट्रेलिया पहुंच रहे हैं और इरादा वही है, विश्व विजेता बनने का और दुनिया को मुट्ठी में कर लेने का.

 

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही विदेश विभाग को निर्देश दिए गए थे कि विदेश दौरों पर गंभीर समझौते और बैठकें तो होंगी ही लेकिन आम लोगों के लिए ऐसे दौरों पर रंगीन मौके भी हों. बारी आई ऑस्ट्रेलिया की तो क्रिकेट के दीवाने दोनों देशों के लिए मोदी ने खुद दोनों क्रिकेटरों को फोन पर न्योता दे दिया. कपिल देव और सुनील गावस्कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सिडनी के इस ग्राउंड पर ही नहीं केनबरा और दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम यानी मेलबर्न में भी मोदी के साथ होंगे.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया और फिजी के दौरे पर हैं. म्यांमार में आसियान की बैठक में हिस्सा लेने के बाद वो 15-16 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया में जी-20 समूह की दो दिनों की बैठक में हिस्सा लेंगे. ऐसे गंभीर मौकों पर आम लोगों से जुड़ना हो तो क्रिकेट से बेहतर और क्या हो सकता है. वो भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के लिए जिनके लिए क्रिकेट किसी धर्म से कम नहीं है.

 

क्रिकेट के दीवानों का असर

ऑस्ट्रेलियाई भी क्रिकेट के दीवाने हैं और खुद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट भी. ऐसे में एबॉट ने भी ऑस्ट्रेलिया की शान माने जाने वाले मेलबर्न स्टेडियम को ही चुना है नरेंद्र मोदी और उनकी इस नई टीम के स्वागत के लिए. 1 हजार से ज्यादा हाई प्रोफाइल मेहमान मोदी के साथ क्रिकेट के इस सबसे बड़े मैदान पर डिनर करेंगे.

 

क्रिकेटर के इस किरदार को मोदी ने क्यों चुना ये दर्ज है उस वेबसाइट पर जो नरेंद्र मोदी के पांच दिनों के ऑस्ट्रेलिया दौरे के पल पल का अपडेट देने के लिए बनाई गई है.

 

खुद नरेंद्र मोदी ने लिखा है कि, “भारत और ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट के लिए साझा दीवानगी है. मैं प्रधानमंत्री टोनी एबॉट का शुक्रिया अदा करता हूं कि वो मेरा स्वागत मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में कर रहे हैं.”

 

अगर सब कुछ ठीक रहा होता तो मेलबर्न के मैदान पर पीएम मोदी के लिए केवल डिनर ना हो रहा होता,  मोदी की टीम , ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ मैच खेल रही होती.  वो भी नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में. दो महीने पहले ही दोनों देशों के विदेश मंत्रालय दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों से ये गुजारिश कर चुके थे लेकिन भारत और ऑस्ट्रेलियाई टीमें व्यस्त थीं. यहां तक कि दोनों टीमें टी-20 मैच के लिए भी वक्त नहीं निकाल सकीं.

 

लेकिन नरेंद्र मोदी वक्त को मौकों में बदलना जानते हैं और क्रिकेट को विदेश नीति जैसे गंभीर मसलों का कारगर हथियार बनाना भी. दोनों देशों का क्रिकेट अब मैदान से बाहर भी नई मंजिलें तलाश रहा है और मोदी इसे भांप चुके हैं.

 

तब और अब

 1945 में पहली बार ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच टेस्ट सीरीज हुई थी और फिर आजादी मिलने के बाद साल 1947- 48 में. उस सीरीज में भारत 4-0 से बुरी तरह हार गया. आप चौंक जाएंगे ये जानकर कि उस हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 20 साल तक सिर्फ इसलिए नहीं बुलाया क्योंकि टिकट नहीं बिकते थे.

 

लेकिन अब मोदी अब ऑस्ट्रेलिया में विश्व विजेता भारत के क्रिकेटरों कपिल देव और सुनील गावस्कर को लेकर पहुंच रहे हैं.

 

इस संदेश के साथ कि वक्त बदल चुका है और क्रिकेट दोनों देशों के बीच रिश्तों का नया संगीत बन सकता है जिस पर बाजार भी थिरकेगा, कारोबार भी और परवान चढ़ेगा दोनों देशों का प्यार.

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