mohit sharma

mohit sharma

By: | Updated: 17 Feb 2015 03:17 PM

मेलबर्न: गेंदबाजी संयोजन लंबे समय से भारत के लिए चिंता का सबब रहा है लेकिन विश्व कप में भारत किसी तरह सही संतुलन हासिल कर लेता है और मौजूदा टूर्नामेंट में हरियाण के तेज गेंदबाज मोहित शर्मा ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की रणनीति के अनुसार गेंदबाजी करके प्रभाव छोड़ा है.

 

वर्षों से तीसरा तेज गेंदबाज भारतीय गेंदबाजी का अहम हिस्सा रहा है. कम से कम तीन विश्व कप में तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका अहम रही है.

 

इंग्लैंड में 1983 के विश्व कप में कपिल देव और बलविंदर संधू के बाद रोजर बिन्नी और मदन लाल ने तेज गेंदबाज की भूमिका निभाई थी जबकि 2003 में दक्षिण अफ्रीका में आशीष नेहरा ने जवागल श्रीनाथ और जहीर खान का अच्छा साथ निभाया.

 

वर्ष 2011 के टूर्नामेंट में तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में मुनाफ पटेल की भूमिका भी प्रभावी रही.

 

मोहित को इशांत शर्मा के मांसपेशियों में चोट के कारण हटने के बाद टीम इंडिया में जगह मिली. इससे पहले वह स्टैंडबाई थे और ट्राई सीरीज के दौरान पर्थ में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपनी लाइन और लेंथ से प्रभावित किया था और इशांत की चोट ने उनके लिए विश्व कप के दरवाजे खोल दिए.

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest Sports News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story मजाक-मजाक में हर्शल गिब्स को ये क्या बोल गए अश्विन