भारतीय बास्केटबॉल के इतिहास पुरुष बने सतनाम, एनबीए में खेलेंगे

By: | Last Updated: Friday, 26 June 2015 12:14 PM
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न्यूयार्क: सात फुट दो इंच लम्बे कद के पंजाब निवासी सतनाम सिंह भामरा अमेरिका में प्रतिष्ठित नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) में प्रवेश पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं. इसके साथ सतनाम ने इतिहास रच दिया है.

 

सतनाम को शुक्रवार को एनबीए ड्राफ्ट में शामिल किया गया. 131 किलोग्राम वजनी सतनाम को डालास मावेरिक्स टीम ने अपने साथ जोड़ा है. इससे पहले सतनाम को बोस्टन सेल्टिक्स और साक्रामेंटो किंग्स जैसी टीमों ने अभ्यास के लिए चुना था.

 

19 साल के सतनाम पंजाब से सम्बंध रखते हैं. वह 2014-15 में आईएमजी अकादमी ग्रेजुएट टीम के लिए खेल चुके हैं. सतनाम एनबीए में शामिल होने वाले पहले भारतीय (भारत में जन्मे) हैं. बीते साल अमेरिका में जन्मे भारतीय खिलाड़ी सैम भुल्लर ने एनबीए में जगह बनाई थी.

 

शुरुआत में सतनाम के लिए 17 बार एनबीए खिताब जीत चुके बोस्टन सेल्टिक्स ने रुचि दिखाई थी लेकिन अंत में मावेरिक्स ने उन्हें अपने साथ जोड़ा. सतनाम ड्रॉफ्ट में जगह पाने वाले 52वें खिलाड़ी रहे. इस साल 60 खिलाड़ियों को ड्रॉफ्ट में जगह मिली.

 

मावेरिक्स टीम ने 1980-81 सत्र में पहली बार एनबीए में हिस्सा लिया था. इसके बाद से वह 1987, 2007 और 2010 में डिवीजन खिताब, 2006 और 2011 में कांफ्रेंस खिताब और 2011 में एक बार एनबीए खिताब जीत चुका है. सतनाम ने 2011 में 16 साल की उम्र में चीन में आयोजित 26वीं एशियाई चैम्पियनशिप में भारत की ओर से हिस्सा लिया था. इसके बाद वह 2013 में भी इस आयोजन में खेले.

 

बीते पांच साल से सतनाम कई देशों के युवाओं के साथ फ्लोरिडा में अभ्यास कर रहे थे. सतनाम को आईएमजी रिलायंस अकादमी की ओर से अभ्यास के लिए भेजा गया था. सतनाम ने कहा कि उनकी इस सफलता से प्रेरित होकर अधिक से अधिक युवा एनबीए का रुख करेंगे और इससे भारतीय बास्केटबॉल का हालात भी सुधरेगा.

 

सतनाम ने कहा, “अभ्यास के दौरान ही मुझे यकीन हो गया था कि मैं किसी न किसी टीम में जगह पा लूंगा. मैंने इसके लिए अच्छी तैयारी की थी. उसी का फल मिला है. यह सुनकर अच्छा लगता है कि भारत में जन्मा कोई पहला व्यक्ति एनबीए में खेलेगा.”

 

सतनाम ने सितम्बर 2010 में अमेरिका का रुख किया था. आईएमजी के लिए खेलते हुए सतनाम ने 2014-15 सत्र में 9.2 का औसत निकाला और 8.4 रीबाउंड हासिल किया. यही नहीं, सतनाम ने प्रति मैच 20 मिनट में 2.2 ब्लॉक्स भी हासिल किए.

 

सतनाम ने इस बात को लेकर खुशी जाहिर की थी कि भारत में इस खेल को लेकर जागरुकता और लोकप्रियता बढ़ रही है और अब इस खेल को पेशेवर लिहाज से लिया जाता है.

 

सतनाम बोले, “मैं अब अधिक से अधिक भारतीयों को इस खेल को पेशेवर अंदाज में लेने का अपील करूंगा. अब युवाओं को प्रेरणा का कारण मिल गया है और मुझे यकीन है कि वे अब अधिक मेहनत करेंगे.”

 

अपने गांव और परिवार में ‘छोटू’ नाम से मशहूर विशालकाय कद के सतनाम की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 2005 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी खिलाड़ी को बिना कॉलेज, ओवरसीज, पेशेवर तौर पर या फिर एनबीए डेवलपमेंट लीग में खेले बगैर ही ड्रॉफ्ट में जगह मिल गई.

 

सतनाम ने रचा इतिहास, एनबीए में जगह पाने वाले पहले भारतीय

 

सतनाम से पहले भुल्लर ने किंग्स के लिए एनबीए खेला है. कनाडा में जन्मे भुल्लर ने अप्रैल में अपनी टीम के लिए तीन मैच खेले. सतनाम ने कहा कि भुल्लर ने उन्हें इस सफलता पर बधाई दी है. बकौल सतनाम, “भुल्लर ने मुझे बधाई दी और मुझे शुभकामना भी दी.”

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