शीर्ष खिलाड़ियों ने उठाए राष्ट्रीय एथलेटिक्स पर सवाल

By: | Last Updated: Tuesday, 4 November 2014 1:39 PM
p t usha

नई दिल्लीः देश की दिग्गज धाविका पी. टी. ऊषा के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जारी 54वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के आयोजन समय और सुविधाओं को लेकर आलोचना करने के बाद कई अन्य खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट की उपयोगिता को लेकर सवाल खड़े किए.

 

एशियाई खेलों में देश को पदक दिलाने वाले कई खिलाड़ियों ने आयोजन के उद्देश्य को लेकर तो सवाल उठाए ही साथ ही इसे खिलाड़ियों के हित में भी नहीं बताया.

 

ऊषा ने सोमवार को कहा कि यदि किसी बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजन से पहले राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का आयोजन किया जाता तो खिलाड़ियों को इसका अधिक लाभ मिलता.

 

उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप को यदि किसी बड़े अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट जैसे राष्ट्रमंडल खेल या एशियाई खेलों या एशियाई चैम्पियनशिप से ठीक पहले आयोजित करवाया जाता तो न सिर्फ खिलाड़ियों की अच्छी तैयारी हो जाती, बल्कि उनमें टूर्नामेंट में हिस्सा लेने को लेकर जोश भी रहता.”

 

लगातार दो बड़े टूर्नामेंट राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले देश के शीर्ष खिलाड़ियों के लिए बेहद थकाऊ सीजन के बाद यह वर्ष का आखिरी टूर्नामेंट है.

 

थकान और चोट के कारण कई शीर्ष खिलाड़ियों के हिस्सा न लेने से जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दो नवंबर को राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की शुरुआत भी काफी फीकी रही.

 

पहले ही दिन सभी को चौंकाते हुए एशियाई खेलों में रजत पदक विजेता खुशबीर कौर ने चोटिल होने का जोखिम न उठाते हुए 20 किलोमीटर पैदल चाल स्पर्धा को बीच में ही छोड़ दिया.

 

वास्तविकता यह है कि सरकारी उपक्रमों से जुड़े अधिकांश खिलाड़ियों को अपने संस्थान की तरफ से टूर्नामेंट में हिस्सा लेना पड़ रहा है. टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे इन खिलाड़ियों में से अधिकांश अपनी क्षमता से कमतर प्रदर्शन करते दिखे और पूछे जाने पर कहा कि चूंकि यहां पदक जीतने का उनके करियर पर कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला इसलिए उन्हें इसकी चिंता नहीं है.

 

एशियाई खेलों की 400 मीटर स्पर्धा में देश को कांस्य दिलाने वाली धाविका एम. आर. पुवम्मा ने आईएएनएस से कहा, “एशियाई खेलों के बाद मुझे तैयारी के लिए अधिक समय नहीं मिला. चोटिल होने का जोखिम न उठाते हुए मैंने अपनी पूरी क्षमता भी नहीं लगाई, हालांकि जीत के प्रति मैं आश्वस्त थी.”

 

एशियाई खेलों में दो बार रजत पदक जीत चुकीं दिग्गज एथलीट सोमा बिस्वास ने कहा कि राष्ट्रीय एथलेटिक्स में खिलाड़ियों का कमतर प्रदर्शन थकान की वजह से है.

 

अर्जुन अवार्ड पा चुकीं बिस्वास ने आईएएनएस से कहा, “अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दो बड़े आयोजनों में अपना पूरा जोर लगा चुकने के बाद खिलाड़ी बेहद थक चुके हैं. इसके बाद अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन करना संभव नहीं हो पाता. किसी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए जरूरी उत्साह के लिए आयोजनों के बीच विराम जरूरी होता है.”

Sports News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: p t usha
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017