द्रविड़ ने कहा, फिलहाल वनडे क्रिकेट अप्रासंगिक

By: | Last Updated: Friday, 12 September 2014 5:48 PM
rahul dravid

मुंबई: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने आज कहा कि खेल के तीन प्रारूपों में फिलहाल वनडे क्रिकेट सबसे अधिक अप्रासंगिक है और अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए जूझ रहा है. उन्होंने कहा कि इसे प्रासंगिक बनाए जाने के लिए चैम्पियन्स ट्रॉफी या विश्व कप जैसे अधिक टूर्नामेंटों का आयोजन करना होगा.

 

द्रविड़ ने छठा दिलीप सरदेसाई स्मृति लेक्चर देने के बाद कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वनडे क्रिकेट जूझ रहा है. वनडे क्रिकेट को अगर आप चैम्पियन्स ट्रॉफी या विश्व कप के नजरिये से देखो तो यह प्रासंगिक है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सभी अन्य वनडे क्रिकेट को इस तरह से खेला जाना चाहिए कि यह चैम्पियन्स ट्रॉफी और विश्व कप में खेलने की ओर बढ़े. मुझे लगता है कि बेमानी वनडे मैच हो रहे हैं और काफी अधिक वनडे मैच समस्या हो सकते हैं.’’ द्रविड़ ने कहा, ‘‘इसमें कमी की जा सकती है और लोग कम वनडे क्रिकेट (द्विपक्षीय सीरीज) खेलें और अधिक वनडे टूर्नामेंट खेलें.’’

 

अवैध गेंदबाजी एक्शन पर द्रविड़ ने कहा कि ‘चकिंग’ अपराध नहीं है लेकिन तकनीकी खामी में सुधार किया जाना चाहिए.

द्रविड़ ने कहा, ‘‘आईसीसी का नियम है. जब उन्होंने काफी पुरानी फटेज की समीक्षा की तो पाया कि कोहनी का 15 डिग्री तक मुड़ना सामान्य है. सभी ऐसा कर रहे हैं. ग्लेन मैकग्रा की कोहनी भी मुड़ती थी लेकिन यह 15 डिग्री के भीतर था इसलिए वह चकिंग नहीं करता था. इसके लिए एक प्रणाली है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस बात की खुशी है कि वे इसे कड़ाई से लागू कर रहे हैं और इसकी समीक्षा कर रहे हैं. मैं उन्हें संदेह का लाभ देता हूं. आईसीसी अधिक सतर्क हो गया है और वे ऐसा नहीं कह रहे हैं कि अगर 2009 में आप सही साबित हुए हो तो दोबारा आपका परीक्षण नहीं होगा.’’

 

इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘निजी तौर पर मुझे नहंी लगता कि आपको चकिंग को अपराध के तौर पर देखना चाहिए. मुझे लगता है कि यह सिर्फ तकनीकी खामी है और इसे इसी तरह देखा जाना चाहिए. अगर आपके एक्शन में तकनीकी खामी है तो जाइये और इसे सही कीजिए और वापस आइये.’’ कुछ भारतीय खिलाड़ियों के इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला 1-3 से गंवाने के दौरान अपनी पत्नियों और प्रेमिकाओं को साथ ले जाने के संदर्भ में द्रविड़ ने कहा कि इसकी स्वीकृति मिलनी चाहिए.

 

उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ी साल में 10 या 11 महीने खेलते हैं. अगर आप दौरों पर उनकी पत्नी या प्रेमिकाओं को स्वीकृति नहीं दोगे तो बड़ी समस्या हो जाएगी. मुझे नहीं लगता कि आप प्रदर्शन के लिए पत्नियों या प्रेमिकाओं को दोषी ठहरा सकते हो.’’

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