क्रिकेट और भारतीय समाज के बुरे पहलू को उजागर करता है आईपीएल : रामचंद्र गुहा

By: | Last Updated: Thursday, 21 August 2014 10:22 AM
ramchandra guha book on ipl

नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया के लचर प्रदर्शन के लिये आईपीएल को दोषी ठहराये जाने के बीच मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने भी भारत में क्रिकेट के जन्म से लेकर आईपीएल तक के सफरनामे में इस टी20 लीग को भारतीय क्रिकेट का कसूरवार ठहराया है.

 

इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 1-3 से हार गई और आखिरी दो टेस्ट में उसे तीन दिन के भीतर ही शर्मनाक पराजय झेलनी पड़ी. इसके बाद से आईपीएल की उपयोगिता और भारतीय क्रिकेट पर उसके दुष्प्रभावों को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

 

गुहा ने अपनी किताब ‘विदेशी खेल अपने मैदान पर’ में आईपीएल के नकारात्मक पहलुओं को उजागर करते हुए कहा है कि इसने क्रिकेट के साथ ही भारतीय समाज के बुरे पहलू को भी उजागर किया है.

 

उन्होंने कहा ,‘‘मुझे डर था कि आईपीएल के बहाने जन्मा क्रिकेट क्लब का नया ढांचा पुराने और सुस्थापित रणजी टूर्नामेंट को बर्बाद कर देगा और राष्ट्रीय क्रिकेट को भी नुकसान पहुंचायेगा. छह हफ्ते क्रिकेट खेलने के लिये जितने पैसे नये खिलाड़ियों को मिल रहे हैं, उससे तय हो गया था कि खिलाड़ी क्रिकेट में कैरियर बनाने के लिये राज्य या देश के लिये खेलने पर मेहनत नहीं करेंगे.’’ इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा ,‘‘ आईपीएल को लेकर मेरा विरोध सामाजिक और नैतिक है. यह असल क्रिकेट है ही नहीं और सामाजिक स्तर पर भी इसने शहर और गांव के बीच खाई पैदा की है. इसने क्रिकेट के साथ ही भारतीय समाज के बुरे पहलू को उजागर किया है .’’

 

गुहा ने कहा ,‘‘टीम मालिकों का झुकाव देश के अमीर राज्यों पर था लिहाजा महाराष्ट्र की दो टीमें थी जबकि उत्तर प्रदेश या बिहार की एक भी नहीं. आईपीएल टीमों पर मालिकाना हक की नीलामी प्रक्रिया बीसीसीआई के आवंटन पर टिकी थी जो रहस्यमय थी.’’ उन्होंने ‘क्रिकेट में बाजारवाद की धमक’ शीषर्क से किताब के एक अध्याय में कहा ,‘‘आईपीएल अब 8 साल का होने जा रहा है और क्रिकेट से इतर मुद्दों के लिये चर्चा में रहता है. विकीपीडिया का एक पन्ना आईपीएल से जुड़े विवादों के नाम है जिसमें आईपीएल मालिकों की कर चोरी, मीडिया पर लगे प्रतिबंधों, ललित मोदी का निलंबन, दो फ्रेंचाइजी पर प्रतिबंध, मैच फिक्सिंग के आरोप शामिल हैं.’’

 

गुहा ने कहा कि आईपीएल खेल नहीं बल्कि शहरी मनोरंजन है और मुनाफे का सौदा भी. उन्होंने कहा ,‘‘2011 में आईपीएल करीब छह करोड़ लोगों ने देखा. जिस चैनल ने इसका प्रसारण किया , उसे 100 करोड़ रूपये का मुनाफा हुआ . आईपीएल 2012 में आखिर के पांच मैचों के स्लाट के लिये 5 लाख रूपये अंतिम कीमत थी जबकि भारत-श्रीलंका मैच की कीमत करीब डेढ लाख और लंदन ओलंपिक की 50000 रूपये थी .’’

 

गुहा ने पेंगुइन बुक्स इंडिया द्वारा प्रकाशित अपनी किताब में सिर्फ क्रिकेट नहीं बल्कि क्रिकेट के बहाने राजनीतिक और सामाजिक बदलावों का भी सफरनामा पेश किया है. इसके अलावा भारत के पहले धीमीगति के गेंदबाज पालवंकर बालू के असाधारण जीवन के साथ जातीय भेदभावों के खिलाफ लड़ाई से भी यह किताब रूबरू कराती है. गुलाम भारत में हिंदू और मुसलमान क्रिकेटरों के बीच होड़ के साथ भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैचों में दिखने वाले असाधारण जोश की पड़ताल भी यह किताब करती है. देश के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास पर खेलों के असर और क्रिकेट किस तरह भारतीयों के जीवन का अभिन्न अंग है, इसे गुहा ने अपने अंदाज में पेश किया है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मैचों को राष्ट्रीय सम्मान का विषय नहीं बनाया जाना चाहिये.

 

गुहा ने कहा ,‘‘औपनिवेशिक दौर में भी क्रिकेट ने राष्ट्रवादी आकांक्षाओं के साधन के रूप में भूमिका निभाई थी. इसलिये 1926-27 में एमसीसी टीम के खिलाफ सीके नायडू के शतक को जबर्दस्त दाद मिली थी. 1971 में हमारी विजय के बाद प्रधानमंत्री क्रिकेटरों से मिली थी. फिर नब्बे के दशक में कारगिल युद्ध और कश्मीर में विद्रोह के दशक में भारत-पाक मैच राजनीतिक अर्थ लिये हुए होते थे.’’ उन्होंने कहा ,‘‘ हमारी आजादी को करीब सात दशक हो गए हैं लिहाजा हमें कम अंधराष्ट्रवादी होना चाहिये. इसे महज खेल के रूप में देखना चाहिये. अगर हम ऑस्ट्रेलिया या पाकिस्तान से एक मैच या श्रृंखला हारते हैं तो हमारा राष्ट्रीय मान जरा भी प्रभावित नहीं होना चाहिये.’’

Sports News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: ramchandra guha book on ipl
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: Cricket IPL new book ramchandra guha test
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017