कोचों को कभी भारतीय या विदेशी ना कहें: बांगड़

By: | Last Updated: Thursday, 18 September 2014 9:20 AM
sanjay bangar against judging a coach on his nationality

नयी दिल्ली: भारत के सहायक क्रिकेट कोच संजय बांगड़ का मानना है कि किसी कोच का आकलन करते समय उसकी राष्ट्रीयता नहीं बल्कि प्रदर्शन मानदंड होना चाहिये और इस आधार पर आलोचना नहीं होनी चाहिये कि वह व्यक्ति भारतीय है या नहीं.

 

बांगड़ ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, ‘‘कोच को भारतीय या विदेशी करार नहीं दिया जाना चाहिये. हमें इन चीजों से उपर उठना होगा. हमें नियमित आधार पर अपने ही बेंचमार्क को चुनौती देनी चाहिये.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट विकसित हो रहा है और कोचों को भी खुद को लगातार बेहतर करना होगा.’’ इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट श्रृंखला में भारत की 1.3 से हार के बाद बांगड़, बी अरूण और आर श्रीधर को डंकन फ्लेचर की सहायता के लिये बीसीसीआई ने भेजा था.

 

बांगड़ ने कहा, ‘‘मैं इसे जिम्मेदारी के मामले में एक स्तर आगे मान रहा हूं. यह संबंध बनाने, सम्मान पाने और लोगों का विश्वास जीतने की बात है. इसमें समय लगता है.’’

 

2009 में टी20 क्रिकेट के लिये अनफिट करार दिये गए बांगड़ ने एक कोच के रूप में अपना लोहा मनवाया और उनके मार्गदर्शन में किंग्स इलेवन पंजाब आईपीएल सात के फाइनल तक पहुंची जिसमें उसे कोलकाता नाइट राइडर्स ने हराया.

 

बांगड़ ने कहा कि उन्होंने वीरेंद्र सहवाग के अनुभव पर भरोसा किया. सहवाग भले ही एक साल से अधिक समय से भारतीय टीम से बाहर हो लेकिन बांगड़ को उनकी वापसी की उम्मीद है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘आईपीएल में अच्छा खेलकर वह राहत महसूस कर रहा होगा. क्वालीफायर में चेन्नई के खिलाफ उसका शतक खास था और हर कोई इसे स्वीकार करेगा.’’

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Web Title: sanjay bangar against judging a coach on his nationality
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