श्रीनिवासन बीसीसीआई का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे- SC

By: | Last Updated: Thursday, 22 January 2015 10:18 AM

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल फिक्सिंग केस से जुड़े एन श्रीनिवासन के हितों के टकराव को लेकर अपना बहुप्रतिक्षित फैसला सुना दिया है. अदालत के फैसले से श्रीनिवासन को बड़ा झटका लगा है.

 

अदालत ने श्रीनिवासन के बीसीसीआई अध्यक्ष के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है. अदालत ने बीसीसीआई के विवादित नियम 6.2.4 क्लॉज को ग़लत करार दिया है जिसके तहत बीसीसीआई का अधिकारी आईपीएल टीम का मालिक बन सकता था.

 

आपको बता दें कि  श्रीनिवासन के पास इंडियन प्रीमियर लीग  यानी आईपीएल की फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स का मालिकाना हक है. इसे ही आधार बनाकर अदालत ने  श्रीनिवासन के बीसीसीआई अध्यक्ष के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई.

 

अदालत ने कहा कि अब समय आय गया है जब श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद या फिर चेन्नई सुपर किंग्स में से किसी एक को चुनना होगा. अदालत के फैसले के बाद चेन्नई सुपर किंग्स का भविष्य भी अंधकारमय दिख रहा है.

 

जस्टिस टी. एस. ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने श्रीनिवासन के दामाद मयप्पन और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा को फिक्सिंग का दोषी माना. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ उन्हें ही दंडित नहीं किया जाएगा बल्कि उनके खिलाफ भी फैसला सुनाया जाएगा जिन फ्रेंचाइजी का वे प्रतिनिधित्व करते हैं.

 

अदालत ने अन्य मामलों के अतिरिक्त मयप्पन और कुंद्रा की सजा तय करने के लिए पूर्व प्रधान न्यायाधीश आर एम लोढ़ा की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय समिति गठित की है.

 

न्यायालय ने हालांकि पूर्व खिलाड़ी सुनील गावस्कर और मौजूदा भारतीय क्रिकेट टीम के निदेशक रवि शाी के कमेंटेटर के तौर पर सेवाएं देने के संदर्भ में हितों के टकराव और पेशेवर हित में स्पष्ट अंतर व्यक्त किया

 

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि बीसीसीआई का कोई अधिकारी आईपीएल टीम का मालिक नहीं बन सकता है और ये हितों का टकराव है. अदालत का कहना था कि हितों के टकराव ने बहुत भ्रम की स्थिति पैदा की.

 

अदालत ने कहा कि श्रीनिवासन को आईपीएल टीम का मालिक बनने की अनुमति देने के लिये बीसीसीआई के नियमों में संशोधन सही नहीं था.

 

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि बीसीसीआई ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी कांड की जांच के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया.

 

प्रतिक्रिया

 

पूर्व क्रिकेटर मनोज प्रभाकर का कहना है कि एन श्रीनिवासन सस्ते में छूट गए. प्रभाकर का कहना था कि उन्हें अदालत से सजा तक मिलनी चाहिए.

 

क्या था केस?

 

मई 16, 2013: आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग की खबर आई, जिसने अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं. इस तरह जेंटलमैन गेम शर्मसार हुआ.

 

मई 16, 2013: भारतीय पेसर एस श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स के दूसरे खिलाड़ी अंकित चावला और अजित चंडिला के साथ अन्य 11 बुकी को स्पॉट फिक्सिंग केस में हिरासत में लिया गया.

 

मई 20, 2013: राजस्थान रॉयल्स ने श्रीसंत सहित अपने तीनों खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया. तीनों खिलाड़ियों को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया.

 

स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में मुंबई पुलिस ने श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को गिरफ्तार किया. उससे एक हफ्ते पहले बॉलीवुड अभिनेता बिंदू दारा सिंह को इसी आरोप में गिरफ्तार किया गया. 

 

मई 26, 2013:  चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने सीईओ मयप्पन को निलंबित किया, जांच के लिए तीन सदस्य टीम का गठन किया गया.

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Web Title: Srinivasan will not contest BCCI election: SC
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