भारतीय टीम में निरंतरता का अभाव: वेंकटराघवन

By: | Last Updated: Thursday, 5 February 2015 6:09 AM

चेन्नई: पूर्व भारतीय कप्तान श्रीनिवासन वेंकटराघवन का मानना है कि विश्व कप से पहले महेंद्र सिंह धोनी की टीम निरंतर एक जैसा प्रदर्शन नहीं कर पायी है और इसके अलावा उन्होंने सलामी जोड़ी की ‘अस्थिरता’ को लेकर भी चिंता जतायी. भारत का क्रिकेट महाकुंभ से पहले प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वह हाल में आस्ट्रेलियाई धरती पर एक भी मैच जीतने में नाकाम रही.

 

विश्व कप 1975 और 1979 में भारतीय टीम के कप्तान रहे वेंकटराघवन ने कहा, ‘‘भारत की वर्तमान टीम में निरंतरता का अभाव है. सबसे महत्वपूर्ण कारक शीर्ष या मध्यक्रम की बल्लेबाजी या गेंदबाजी है. निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना सफलता की कुंजी होता है. भारतीय टीम में इसका अभाव है.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘यह भी अफसोस की बात है कि शीर्ष क्रम में हमारे पास स्थिर संयोजन नहीं है. वनडे क्रिकेट में यह जरूरी है. कुल मिलाकर आपको अच्छी ठोस शुरूआत चाहिए. ’’

 

निरंतरता के अभाव के बारे में वेंकटराघवन ने कहा, ‘‘वे खुद को पूरी तरह से खेल में नहीं झोंक पा रहे हैं. उनकी मानसिकता में इसका अभाव दिखता है. उनमें प्रेरणा हो सकती है. वे सभी महत्वाकांक्षी हैं और खेलने के लिये उत्साहित हैं लेकिन उन्हें मैदान पर प्रदर्शन करके दिखाना होगा. ’’

 

आईसीसी एलीट पैनल के अंपायर रह चुके तथा एशेज और विश्व कप सेमीफाइनल में अंपायरिंग करने वाले वेंकटराघवन का मानना है कि भारत चौथी टीम के रूप में अंतिम चार में जगह बना सकता है.

 

वेंकटराघवन ने धोनी की बल्लेबाजी और कप्तानी को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाया. उन्होंने कहा, ‘‘हमारा कप्तान जोशीला और अनुभवी है. उन्होंने हर समय खुद को साबित किया है. ’’

 

इस पूर्व आफ स्पिनर के अनुसार भारत की सबसे बड़ी चिंता गेंदबाजी है. उन्होंने कहा, ‘‘गेंदबाजी चिंता का विषय है. हमारे मध्यम गति के गेंदबाज निरंतर अच्छी लाइन व लेंथ से गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं. वे उछाल और शार्ट पिच गेंदों पर निर्भर हैं. आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों या किसी को भी ऐसी गेंदों से परेशानी नहीं होती. ’’

 

वेंकटराघवन ने कहा, ‘‘हमें क्षेत्ररक्षण के जरिये अपने गेंदबाजों की मदद करनी होगी. हमें अपने क्षेत्ररक्षण में सुधार करना होगा. यदि आप 1983 को याद करो तो कपिल देव के मिडविकेट पर लिये गये एक शानदार कैच ने पूरी कहानी बदल दी थी. इसलिए अच्छे क्षेत्ररक्षण से निश्चित रूप से मैच जीते जा सकते हैं और इससे गेंदबाजों को भी मदद मिलेगी. ’’

 

वेंकटराघवन का मानना है कि आस्ट्रेलिया के बड़े मैदानों पर स्पिनर भी अहम भूमिका निभाएंगे.

 

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे स्पिनरों को आस्ट्रेलिया के बड़े मैदानों पर भूमिका निभानी होगी. पिचों की परिस्थितियों को देखते हुए हम दो स्पिनरों के साथ खेल सकते हैं. न्यूजीलैंड में अलग तरह की स्थिति होगी. वहां पिचों पर हरियाली होगी और उससे सीमरों को मदद मिलेगी. ऐसी परिस्थितियों में भुवनेश्वर कुमार अहम भूमिका निभा सकता है. ’’

 

वेंकटराघवन ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस टीम में क्षमता है. भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की अच्छी संभावना है. रोहित शर्मा और विराट कोहली को निरंतर बड़े स्कोर बनाने होंगे. ’’

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Web Title: Team India_World Cup 2015_Australia_Former Captain_
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