चिन्नास्वामी में ‘एबीडी’, ‘एबीडी’ के बीच मां ने खोला राज

By: | Last Updated: Saturday, 14 November 2015 11:52 AM
When ABD blurred the lines between ‘supporters’ and ‘fans’

बेंगलुरू: भारतीय दर्शक ‘सचिन, सचिन’ के नाम से स्टेडियम को गुंजायमान करने के लिये मशहूर रहे हैं. लेकिन चिन्नास्वामी स्टेडियम में शनिवार को नजारा पूरी तरह से बदला हुआ था. लगभग 20 हजार दर्शक किसी भारतीय के नहीं बल्कि एबी डिविलियर्स के लिये ‘एबीडी, एबीडी’ चिल्लाकर अपना 100वां टेस्ट मैच खेल रहे इस साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज का अभिवादन कर रहे थे.

 

इसमें कोई हैरानी नहीं कि स्टेडियम में मौजूद डिविलियर्स के माता पिता भी इससे भाव विभोर हो गये. डिविलियर्स इंडियन प्रीमियर लीग में इसी शहर की फ्रेंचाइजी से खेलते हैं और यहां उनके प्रशंसकों की कमी नहीं है. सचिन तेंदुलकर ने जब से 200वां टेस्ट मैच खेला तब से 100 टेस्ट खेलना बहुत बड़ी उपलब्धि नहीं रही लेकिन जब किसी भारतीय स्टेडियम का माहौल डरबन के किंग्समीड या केपटाउन के न्यूलैंड्स जैसा हो तो साफ है जिस खिलाड़ी के इतने गुणगान हो रहे हैं उसने कितने दिलों को जीता है. इसे आप आईपीएल का प्रभाव कह सकते हैं लेकिन किसी विदेशी खिलाड़ी के लिये अर्धशतक पूरा करने पर कभी दर्शकों ने खड़े होकर तालियां नहीं बजायी होंगी और फिर जब यह बल्लेबाज अपने 100वें टेस्ट मैच में 15 रन से शतक से चूक जाता है तो स्टेडियम भी खामोश हो जाता है. अब तक केवल आठ बल्लेबाज ही अपने सौवें टेस्ट में शतक बना पाये हैं.

 

अपनी पत्नी मिली के साथ मीडिया बॉक्स में पहुंचे एबी डिविलियर्स सीनियर (यही एबीडी के पिता का नाम है) ने कहा, ‘‘मुझे एबीडी, एबीडी सुनकर आश्चर्य हुआ. जब एबी आउट हुआ तो वे दुखी थे. हम सभी जानते हैं कि बेंगलूर एबी का दूसरा घर है क्योंकि वह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के लिये लंबे समय से आईपीएल में खेल रहा है. मुझे उम्मीद है कि अब वह भारतीय भाषाएं सीखेगा. ’’

 

डिविलियर्स की मां मिली ने खुलासा किया कि उनका बेटा बचपन से ही टीम मैन रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘वह जब युवा था तो अच्छी गोल्फ खेलता था. मैंने जब उसे गोल्फ खेलते हुए देखा तो सपना देखने लगी कि मेरा बेटा एक दिन एर्नी एल्स बनेगा. वह अच्छा टेनिस खिलाड़ी भी था. ’’ उनकी मां ने कहा, ‘‘लेकिन हमें अहसास होने लगा कि एबी व्यक्तिगत खेलों के लिये नहीं बना है क्योंकि उसे अपने आसपास लोगों की मौजूदगी और टीम में होना पसंद है. और वह उतना शांत भी नहीं है जितना मैदान पर दिखता है. ’’

 

किसी ने उनके पिता से पूछा कि वह चाहते थे कि उनका बेटा डॉक्टर बने, उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, ‘‘हमारे परिवार का अकादमिक रिकॉर्ड अच्छा रहा है. मैं चाहूंगा कि मेरा बेटा कभी कोई डिग्री हासिल करे. लेकिन अपने करियर में उसने जो कुछ हासिल किया, उससे मैं पूरी तरह खुश हूं. ’’

 

डिविलियर्स की उनकी प्रिय पारी के बारे में सीनियर एबीडी ने कहा, ‘‘क्या आप लोगों को पता है कि उसने सेंचुरियन में भारत के खिलाफ  (2010 में ) 78 गेंदों (75 गेंदों) पर शतक ठोका था. मुझे वह पारी पसंद है. उसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच शतक लगाये हैं. न्यूलैंड्स में एक मैच था जिसमें उसने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज एंड्रयू मैकडोनाल्ड पर एक ओवर में चार छक्के लगाये थे. यह एक और पारी है जो मुझे पसंद है. ’’

 

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