पल्लिकल के विद्रोही तेवरः जब तक समान पुरस्कार राशि नहीं मिलती नहीं खेलूंगी

By: | Last Updated: Thursday, 9 July 2015 12:34 PM
Won’t play Nationals until we get equal prize money: Dipika Pallikal

फाइल फोटो

नई दिल्लीः भारत की टॉप स्क्वाश खिलाड़ी दीपिका पल्लिकल ने मौजूदा राष्ट्रीय स्क्वाश चैंपियनशिप में नहीं खेलने को लेकर स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि जब तक पुरूष और महिला खिलाड़ियों के लिये समान पुरस्कार राशि नहीं कर दी जाती है तब तक वह इस घरेलू टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगी. केरल की रहने वाली पल्लिकल अपने राज्य में पहली बार हो रही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेना चाहती थी लेकिन पुरूष खिलाड़ियों के लिये पुरस्कार राशि अधिक होने के कारण उन्होंने लगातार चौथे वर्ष इससे हटने का फैसला किया.

 

इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने आखिरी बार 2011 में चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और तब वह चैंपियन भी बनी थी. विश्व की शीर्ष दस खिलाड़ियों में जगह बनाने वाली एकमात्र भारतीय पल्लिकल ने कहा, ‘‘कारण वही है जिस वजह से मैं पिछले तीन साल भी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नहीं खेली. मुझे लगता है कि हम समान पुरस्कार राशि के हकदार हैं जैसे कि पीएसए पेशेवर सर्किट में हैं. वहां अधिकतर टूर्नामेंटों में पुरस्कार राशि समान है. ’’

 

वर्तमान में विश्व में 18वें नंबर की खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मेरी समझ में नहीं आता कि पुरूष और महिलाओं में अंतर पैदा क्यों किया जाता है. मैं केरल में खेलना चाहती थी और निश्चित रूप से मुझे वहां नहीं खेलने की कमी खल रही है. ’’ पल्लिकल को छोड़कर बाकी सभी शीर्ष खिलाड़ी सौरव घोषाल, हरिंदरपाल सिंह संधू और जोशना चिनप्पा इसमें भाग ले रहे हैं. मैथ्यू ने कहा कि यदि पल्लिकल भी खेलती तो टूर्नामेंट को काफी लोकप्रियता मिलती.

 

उन्होंने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है कि वह यहां नहीं खेल रही है. वह चेन्नई में रहती है लेकिन मूल रूप से केरल की रहने वाली है. सभी उसके बारे में पूछ रहे हैं. अच्छा होता यदि वह यहां खेलती. इसके साथ ही हम उनके फैसले का सम्मान भी करते हैं. ’’

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Web Title: Won’t play Nationals until we get equal prize money: Dipika Pallikal
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