विश्व कप 1983 मेरे कैरियर की सबसे बड़ी निराशा: गार्नर

By: | Last Updated: Thursday, 29 January 2015 11:51 AM
world cup 1983

नई दिल्ली: प्रूडेंशियल विश्व कप 1983 फाइनल में भारत के हाथों वेस्टइंडीज की हार को याद करते हुए तेज गेंदबाज जोएल गार्नर ने कहा कि वह हार उनके क्रिकेट कैरियर की सबसे बड़ी निराशा थी.

 

लार्डस पर 60-60 ओवरों के मैच में जीत के लिये 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पिछली चैम्पियन कैरेबियाई टीम 140 रन पर आउट हो गई.

 

पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये आये छह फुट आठ इंच लंबे तेज गेंदबाज गार्नर 19 गेंद में पांच रन बनाकर नाबाद रहे. मैन ऑफ द मैच मोहिंदर अमरनाथ (26 रन और तीन विकेट) ने माइकल होल्डिंग को पगबाधा आउट करके कैरेबियाई पारी का अंत किया.

 

गार्नर ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा ,‘‘ जब हम छोटे लक्ष्य का पीछा करते हैं तो हर किसी को लगता है कि अगला खिलाड़ी इस काम को अंजाम तक पहुंचा देगा.’’ उन्होंने कहा कि अति आत्मविश्वास टीम की हार का कारण बना. उन्होंने कहा ,‘‘ अति आत्मविश्वास के कारण उस मैच को हलके में ले लिया कि 183 रन तो हम बना ही लेंगे .’’

 

उन्होंने कहा ,‘‘ हार के बाद मैं ड्रेसिंग रूम में गया, अपना सामान पैक किया और पुरस्कार समारोह में गया . उसके बाद कुछ ड्रिंक्स लिये और होटल में गया. वहां करीब 5000 भारतीय समर्थक लॉबी में थे जिन्होंने ताना मारा कि हमने तुम्हे हरा दिया. ’’

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Web Title: world cup 1983
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