टीवी सास का पैगाम, 'अपनी बहुओं से करें प्‍यार'

टीवी सास का पैगाम, 'अपनी बहुओं से करें प्‍यार'

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

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<b>नई
दिल्ली:</b> छोटे पर्दे पर
प्रसारित ज्यादातर
धारावाहिकों में रसोई में
चलने वाली राजनीति या
निर्दयी सासों को प्रमुखता
से दिखाया जाता रहा है, लेकिन
स्मिता बंसल, अपरा मेहता,
सुप्रिया पिलगांवकर और
इंदिरा हलदर ने अपनी पर्दे की
बहुओं का समर्थन कर इस चलन को
बदल दिया है.<br /><br />13 मई को 'मदर्स
डे' के मौके पर पर्दे की इन
आदर्श सासों ने कहा कि समाज
आधुनिक हुआ है और कल्पना और
वास्तविकता दोनों में
रिश्तों में परिपक्वता आई है.<br /><br />'बालिका
वधू' में सुमित्रा की भूमिका
निभाने वाली स्मिता बंसल
अपनी पर्दे की बहू आनंदी के
लिए शक्ति स्तम्भ की तरह हैं.
वह कहती हैं कि पुरानी पीढ़ी
दबावों को समझती है और
ज्‍यादा समर्थक होती थी.<br /><br />स्मिता
के मुताबिक, 'बीते बरसों के
दौरान सास और बहुओं के बीच का
रिश्ता बदला है. ज्यादातर
लड़कियां शादी के बाद काम
करना चाहती हैं. पुरानी पीढ़ी
उन पर पड़ते दबाव को समझते
हुए उनके साथ सहयोग करती है.'<br /><br />उन्होंने
कहा, 'मैं एक संयुक्त परिवार
में रहती हूं और मेरा मेरी
सास के साथ रिश्ता बहुत मजबूत
है. वह समझती हैं कि मुझे काम
के लिए बाहर जाना पड़ता है और
वह मेरी व्यस्त दिनचर्या भी
समझती हैं. अब पहले की
अपेक्षा रिश्तों में और
परिपक्वता आई है.'<br /><br />धारावाहिकों
को देखने वाले दर्शकों की
संख्या बहुत ज्यादा है और वे
सकारात्मक और प्यारे
किरदारों से प्रेरित होते
हैं. 'ससुराल गेंदा फूल' में
सास की भूमिका निभाने वाली
शैलजा के मुताबिक एक सास का
काम सिर्फ हुक्म चलाना नहीं
है, बल्कि उन्हें पूरे परिवार
को प्यार और देखभाल देकर आपस
में बांधे रखना भी है.<br /><br />सुप्रिया
ने कहा, 'सासें धारावाहिकों
का अभिन्न हिस्सा हैं. लेकिन
पहले उन्हें नकारात्मक
दिखाया जाता था. अब जब सासों
को सहयोगी भूमिका में दिखाया
जा रहा है तो दर्शक इससे
प्रेरणा ले रहे हैं.'<br /><br />'मर्यादा:
लेकिन कब तक' में देवयानी का
किरदार निभाने वाली
इंद्राणी पर्दे पर अपनी बहू
की सुरक्षा के लिए अपने दुष्ट
पति से लड़ती हैं.<br /><br />इंद्राणी
ने कहा, 'बड़े शहरों में तो लोग
आधुनिक हो रहे हैं, लेकिन
छोटे शहरों में ऐसा नहीं है.
गांवों और छोटे शहरों में
हालात अब भी वैसी ही हैं.
इसलिए ग्रामीण पृष्ठभूमि के
धारावाहिकों में किरदारों
को आधुनिक नहीं दिखाया जाता.'<br /><br />धारावाहिक
'क्‍या हुआ तेरा वादा' में
अपनी बहू मोना सिंह का हर कदम
पर साथ देने वाली अभिनेत्री
अपरा मेहता का कहना है कि बहू
के लिए सास का सहारा बेहद
जरूरी है.<br /><br />उनके मुताबिक,
'पहले सास को ललित पवार की तरह
पेश किया जाता था, लेकिन अब
ऐसा नहीं होता है. यहां तक कि
अब पुरानी पीढ़ी को भी यह
एहसास हो गया कि समय के साथ
बदलना जरूरी है. और सास की मदद
जरूरी है कि क्‍योंकि वो ही
बहू को परिवार में आराम से
बसने में मदद करती है.'<br /><br />
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