फिर से शुरू होगी केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना

By: | Last Updated: Thursday, 27 June 2013 11:07 PM

<p style=”text-align: justify;”>
<b>केदारनाथ:
</b>केदारनाथ के मंदिर में दो
हफ्ते बाद फिर से पूजा शुरू
होगी. पीटीआई के मुताबिक
मंदिर के आसपास पड़े शवों को
हटा दिया गया है, अब आसपास की
जगह को साफ करके इसकी शुद्धि
की जाएगी, और इसके बाद ही यहां
पर पूजा शुरू होगी.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
16 जून को केदारनाथ में बादल
फटने से पानी और मलबे का
सैलाब आय़ा था जिसमें सैकड़ों
की तादाद में श्रद्धालु मारे
गए थे. इससे पहले साधु-संतों
ने केदारनाथ जा कर
पूजा-अर्चना करने की इच्छा
जताई थी.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
द्वारका के शारदा पीठ के
शंकराचार्य स्वामी
स्वरूपानंद सरस्वती ने
पारंपरिक पूजा अर्चना के लिए
उत्तराखंड सरकार से आपदा का
शिकार हुए तीर्थ क्षेत्र में
जाने देने की अनुमति मांगी
थी.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
उन्होंने केदारनाथ महादेव
की उखीमठ में अर्चना शुरू किए
जाने का विरोध जताया. उखीमठ
सर्दियों में शिव का स्थान
होता है. बादल फटने के बाद
तीर्थ क्षेत्र में मलबा और
गाद भर जाने से कपाट बंद कर
दिए गए थे और सोमवार को
केदारनाथ से प्रतिमा पूजा
अर्चना के लिए उखीमठ लाई गई
थी.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
गौरतलब है कि नवंबर महीने में
सर्दियां शुरू हो जाने के बाद
भगवान शिव की पवित्र प्रतिमा
केदारनाथ से उखीमठ लाई जाती
है जहां उनकी इस अवधि में
पूजा अर्चना की जाती है. मई के
पहले सप्ताह में प्रतिमा फिर
से केदारनाथ में स्थापित कर
दी जाती है.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
यही समय होता है जब मंदिर के
कपाट तीर्थयात्रियों के लिए
खोल दिए जाते हैं. देश के
विभिन्न हिस्सों से हजारों
लाखों की तादाद में
श्रद्धालु तीर्थयात्रा के
लिए यहां पहुंचते हैं.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
हिंदू चंद्र पंचांग के
मुताबिक हर वर्ष कार्तिक मास
के पहले दिन तीर्थ का कपाट
बंद कर दिया जाता है और वैशाख
में कपाट खोला जाता है. बंद
रहने के दौरान तीर्थस्थल
बर्फ से ढंका होता है और
भगवान की पूजा उखीमठ में होती
है. इस वर्ष केदारनाथ यात्रा 14
मई से शुरू हुई थी.<br /><br /><b>देश
में अगाध श्रद्धा का केंद्र
है केदारनाथ का तीर्थ</b><br /><br />भारी
बारिश और बाढ़ का सामना करने
वाला उत्तराखंड स्थित
केदारनाथ तीर्थस्थल देश के
सर्वाधिक पवित्र
तीर्थस्थलों में से एक माना
जाता है जहां हर साल लाखों की
संख्या में तीर्थयात्री
पहुंचते हैं.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
यह मंदिर चार धाम
तीर्थयात्रा में से एक है और
मना जाता है कि इसका निर्माण
1000 साल पूर्व आदि शंकराचार्य
ने कराया था.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
भगवान शिव की पीठ माना जाने
वाला यह तीर्थ ऋषिकेश से करीब
225 किलोमीटर उत्तर हिमालय में
3581 मीटर की ऊंचाई पर मंदाकिनी
नदी के किनारे स्थित है.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
हर साल मई से अक्टूबर माह के
बीच चार धाम की यात्रा होती
है. इस यात्रा में यमुनोत्री,
गंगोत्री और बद्रीनाथ की
यात्रा भी शामिल होती है.
</p>
<p style=”text-align: justify;”>
http://www.youtube.com/watch?v=UMhCynIks6Q<br />
</p>

Television News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: फिर से शुरू होगी केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017