हिंदी भाषी राज्यों में 'नॉन रेज़िडेन्ट बिहारी' उपन्यास का जलवा

By: | Last Updated: Tuesday, 16 August 2016 11:24 AM
Non resident Bihari by Shashi Kant Mishra

नई दिल्ली: एबीपी न्यूज के पत्रकार और लेखक शशिकांत मिश्रा की किताब ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी’ का जलवा बिहार के पुस्तक मेला में भी देखने को मिला. 13 दिसंबर को किताब के लॉन्च के एक घंटे के भीतर ही सभी प्रतियां बिक गईं.

 

कुछ मिनटों में आउट ऑफ स्टॉक हो जाने से किताब खरीदने आए कई लोग निराश दिखे. बिहार के नहीं देश के दूसरे हिस्सों से भी किताब को अच्छा रिस्पांस मिल रहा है .

 

इससे पहले ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेजन पर भी लॉन्च होते ही किताब आउट ऑफ स्टॉक हो गई थी . हालांकि ये किताब अब एक बार फिर अमेजन पर बिक्री के लिए उपलब्ध है, अगर आप इस उपन्यास को खरीदना चाहते हैं तो Amazon की साइट पर जाकर प्री-बुकिंग कर सकते हैं. या फिर एक क्लिक के साथ आप यहां से केवल 89 रुपये में किताब घर बैठे मंगवा सकते हैं. नीचे लिंक पर क्लिक कर खरीद सकते हैं….

 

http://www.amazon.in/Non-Resident-Bihari-Shashikant-Mishra/dp/8183617964/ref=sr_1_1?ie=UTF8&qid=1450028912&sr=8-1&keywords=non+resident+bihari

 

यह भी जानें-

उपन्यास का टाइटल बाजार को कितना प्रभावित कर सकता है, ये समझना है तो राजकमल प्रकाशन समूह से प्रकाशित ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी : कहीं पास, कहीं फेल’ के करिश्मे पर गौर फरमाइए . अनजान लेखक शशि कांत मिश्र की पहली रचना-‘नॉन रेजिडेंट बिहारी : कहीं पास, कहीं फेल’ लेकिन अमेजन पर प्री बुकिंग 2 हजार से ज्यादा !

विशेषज्ञों के मुताबिक इस उपन्यास का टाइटल-‘नॉन रेजिटेंड बिहारी : कहीं पास, कहीं फेल’ पाठकों को सबसे ज्यादा आकर्षित कर रहा है . जो बिहार के हैं, वो इस शीर्षक से भावनात्मक रुप से जुड़ रहे हैं, जो बिहार के नहीं हैं, वो बिहारी कल्चर को जानने समझने के लिए इसे खरीद रहे हैं . हाल में आयोजित इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल में भी उपन्यास का जलवा दिखा . उपन्यास का कवर पेज भी अंदर की कहानी को काफी हद तक बयां कर देता है.
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एक तरफ बिहार का गांव, दूसरी तरफ दिल्ली का मुखर्जीनगर, बीच में upsc कुल्फी खरीदता लड़का और उसको निहारती लड़की . यूपीएससी और प्यार मोहब्बत की इस दास्तां के बीच उपन्यास में बिहार के पारिवारिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सोच को भी उकेरा गया है. स्टूडेंट लाइफ की मौज मस्ती के बीच अल्ला मियां और हनुमान जी की मुलाकात लोगों को धर्म का मर्म समझाती है . उपन्यास अमेजन पर उपलब्ध है.

और आखिर में दो शब्द उपन्यास के लेखक और एबीपी न्यूज के पत्रकार शशिकांत के बारे में. तमाम दूसरे बिहारी स्टूडेंट की तरह ये भी बिहार से दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुंचे थे यूपीएससी की तैयारी करने. लालबत्ती नहीं मिली तो उठा लिए लैपटॉप और लिख दिए- ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास, कहीं फेल’. आधी हकीकत, आधा फसाना ! नॉन रेजिडेंट बिहारी कहां पास हुआ है, कहां फेल ? इसका आखिरी फैसला आपके हाथों में.

लेखक और पत्रकार शशिकांत से आप फेसबुक और ट्विटर के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं और ‘नॉन रेजिडेंट बिहारी: कहीं पास, कहीं फेल’ से संबंधित हर जानकारी ले सकते हैं. उनका फेसबुक पेज है….

 

https://www.facebook.com/%E0%A4%A8%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A4%BC%E0%A4%BF%E0%A4%A1%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-996290797060253/?fref=ts

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