CBI starts interrogation from PCS Officers In UPSC recruitment

अखिलेश राज में यूपी-पीएससी में हुई भर्तियों की जांच में सीबीआई कसती जा रही है शिकंजा, अफसरों से सात-सात घंटे हो रही है पूछताछ

पूछताछ के लिए बुलाए गए इन पीसीएस अफसरों से सीबीआई की टीम घंटों पूछताछ करती है. उनके बयान की वीडियो रिकार्डिंग की जाती है तो साथ ही उनसे इस बात का हलफनामा भी लिया जाता है कि उन्होंने सही बयान दर्ज कराया है और गलत पाए जाने पर वह खुद ज़िम्मेदार होंगे.

By: | Updated: 17 Apr 2018 09:31 PM
CBI starts interrogation from PCS Officers In UPSC recruitment

इलाहाबाद: अखिलेश यादव राज में यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन में हुई भर्तियों की जांच कर रही सीबीआई टीम ने अब साल 2015 में सेलेक्ट हुए पीसीएस अफसरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इलाहाबाद में खोले गए कैम्प ऑफिस में सीबीआई टीम पिछले दो दिनों से पीसीएस अफसरों से पूछताछ कर रही है. दो दिनों में सत्रह पीसीएस अफसरों से पूछताछ की जा चुकी है, जबकि अगले कुछ दिनों में तमाम और अफसर भी तलब किए गए हैं.



पीसीएस अफसरों से घंटों पूछताछ


पूछताछ के लिए बुलाए गए इन पीसीएस अफसरों से सीबीआई की टीम घंटों पूछताछ करती है. उनके बयान की वीडियो रिकार्डिंग की जाती है तो साथ ही उनसे इस बात का हलफनामा भी लिया जाता है कि उन्होंने सही बयान दर्ज कराया है और गलत पाए जाने पर वह खुद ज़िम्मेदार होंगे. पूछताछ के लिए जिन अफसरों को बुलाया गया है, सीबीआई ने उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन कयास यह लगाए जा रहे हैं कि इनमे यूपी पुलिस के बड़े पद पर रहे एक बड़े अफसर का टॉपर बेटा भी शामिल है.



खंगाले जा रहे हैं पीसीएस अफसरों व उनके परिवार वालों के बैंक खातों के रिकार्ड 
सूत्रों के मुताबिक़ पूछताछ में सीबीआई का फोकस इस बात पर ज़्यादा होता है कि सेलेक्ट हुए अफसर का किन नेताओं व आयोग के अफसरों से संबंध रहा है. पीसीएस अफसरों व उनके परिवार वालों के बैंक खातों के रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं तो साथ ही यह पता भी लगाया जा रहा है कि माडरेशन स्कीम के तहत उनके कितने नंबर बढ़ाए या घटाए गए थे.



एक दिन में सिर्फ दस अफसरों से पूछताछ


सुबह शुरू होने वाली पूछताछ देर रात तक चलती है. सीबीआई की टीमें एक-एक अफसर से तकरीबन छह से सात घंटे तक पूछताछ करती हैं. ज़्यादा वक्त लगने की वजह से एक दिन में सिर्फ दस अफसर ही बुलाए जा रहे हैं. सीबीआई इन पीसीएस अफसरों से पूछताछ इलाहाबाद के गोविंदपुर इलाके में सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में बने अपने कैम्प आफिस में करती है.



योगी सरकार ने की थी भर्तियों की जांच सीबीआई से कराने सिफारिश


गौरतलब है कि यूपी की योगी सरकार ने प्रतियोगी छात्रों से किए गए अपने चुनावी वायदे को पूरा करते हुए केंद्र सरकार से यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन में अखिलेश यादव के पांच साल के कार्यकाल में हुई भर्तियों की जांच सीबीआई से कराए जाने की सिफारिश की थी. योगी सरकार की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था. हालांकि आयोग ने सीबीआई जांच के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने जांच पर रोक लगाने से इंकार करते हुए आयोग की अर्जी को खारिज कर दिया था.




कमीशन के पिछले चेयरमैन अनिल यादव के कार्यकाल में भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे


कमीशन के पिछले चेयरमैन अनिल यादव के कार्यकाल में भर्तियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे. हाईकोर्ट ने अनिल यादव की नियुक्ति को अवैध मानते हुए उन्हें बर्खास्त करने का आदेश दिया था. भर्तियों में कथित तौर पर गड़बड़ी के मुद्दे को उठाकर सीबीआई जांच के लिए सालों संघर्ष करने वाले प्रतियोगी छात्रों को उम्मीद है कि अब उन्हें इंसाफ मिल सकेगा.

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Web Title: CBI starts interrogation from PCS Officers In UPSC recruitment
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