खामोशी से आबरु

Monday, 27 August 2012 2:30 AM

मनमोहन
सिंह ने संसद के बाहर बीजेपी पर हमला करते हुए एक शेर भी पढ़ा, जिसका
लुब्बोलुबाब यह था कि अगर उन्होंने जुबान खोली तो बीजेपी की हकीकत सामने आ
जाएगी. उनका शेर था, “हज़ारों जवाबों से अच्छी है मेरी खामोशी, न जाने कितने सवालों की आबरु रखती है”

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