लेबर को मजदूरी नहीं

लेबर को मजदूरी नहीं

Updated: 07 Jun 2012 11:03 AM

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भी मनरेगा के नाम पर पैसों की बंदरबाट का मामला सामने आया है. काम देने के लिए अधिकारी पैसे लेते हैं और कागज पर काम को पूरा कर देते हैं. सारा पैसा खुद डकार जाते हैं और गरीब मजदूरों को मजदूरी तक नहीं मिलती. हैरानी इसलिए कि ये घोटाला उस जिले में हुआ है जहां मनरेगा के तहत सबसे अच्छे काम के लिए मनरेगा एक्सीलेंसी अवॉर्ड दिया गया था.