सरेआम होती फांसी

Wednesday, 21 November 2012 11:11 AM

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा है कि कसाब को गुपचुप तरीके से नहीं बल्कि बीच चौराहे पर सरेआम फांसी दी जानी चाहिए थी. उन्होंने कहा है कि कसाब को सजा मिलने में काफी देरी हुई, जबकि यह काम तो बहुत पहले की हो जाना चाहिए था.

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