अलगाववादी नेता फई को दो साल कैद की सजा

अलगाववादी नेता फई को दो साल कैद की सजा

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

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<b>वॉशिंगटन:
</b>मूल रूप से कश्मीर के रहने
वाले अलगाववादी नेता गुलाम
नबी फई को एक आमेरिकी अदालत
ने दो साल कैद की सजा सुनाई है.<br /><br />फई
को कश्मीर पर अमेरिका की नीति
को अवैध तरीके से प्रभावित
करने के लिए पाकिस्तानी
खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ
मिलकर काम करने के आरोप में
सजा हुई है. यह सजा वाशिंगटन
डीसी के उपनगर वजिर्निया के
एलेक्जेंड्रीया की एक अदालत
ने सुनाई है.<br /><br />62 साल के फई को
सजा पूरी होने के बाद भी तीन
साल तक निगरानी में रहना
होगा. जज ने साफ कहा है कि वो
पाकिस्तान सरकार और आईएसआई
के किसी भी अधिकारी और एजेंट
के साथ कोई संपर्क न रखे.<br /><br />फई
को पिछले साल 19 जुलाई को
गिरफ्तार किया गया था. बाद
में उसे आईएसआई का पेड एजेंट
होने का दोषी ठहराया गया.
अदालत में फई का
प्रतिनिधित्व नीना गिंसबर्ग
कर रही थीं. फई ने कहा कि वह 25
जून को अपने बेटी के
ग्रेजुएशन के बाद समर्पण
करेगा.<br /><br />न्यायाधीश ने फई से
कहा कि वह जेल से भी कश्मीर के
लोगों के लिए काम कर सकते हैं
जैसे कि वह लेख लिख सकते हैं
और कांफ्रेंस कॉल कर सकते
हैं. फई को जब सजा सुनाई गई तो
अदालत में करीब 40 लोग मौजूद
थे, जिनमें ज्यादातर उसके
परिजन और मित्र थे. इस मामले
में सरकार के अटॉर्नी गॉडर्न
डी़ क्रोमबर्ग थे.<br /><br />दोनों
पक्षों और फई को सुनने के बाद
न्यायाधीश ने कहा, 'मुझे नहीं
लगता कि आप यह मानने को तैयार
हैं कि आपने अपने काम से
अमेरिका को बहुत क्षति
पहुंचाई है. एफबीआई द्वारा इस
बारे में आपको अवगत कराने के
बावजूद आपने उसे नजरअंदाज कर
दिया.<br /><br />फई ने अदालत से
कहा,'अमेरिका में मैंने अपने
परिवार और मित्रों को तथा
कश्मीर के मुद्दे को जो क्षति
पहुंचाई है उसे शायद शब्दों
में बयां नहीं किया जा सकता.'
<br /><br />उसने कहा, 'मेरी मंशा
दुनिया में कभी किसी को
नुकसान पहुंचाने की नहीं थी.
अमेरिका को कभी नुकसान नहीं
पहुंचाना चाहता था. मेरा
एकमात्र लक्ष्य कश्मीर के
लोगों और उनके आत्मनिर्णय के
अधिकार के लिए काम करना था.'<br />
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