आईएसआई का अमेरिका की मदद करने का दावा

आईएसआई का अमेरिका की मदद करने का दावा

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

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<b>वाशिंगटन:</b> आतंकवादी
सरगना ओसामा बिन लादेन की मौत
के करीब एक साल बाद पाकिस्तान
की इंटर-सर्विसेज
इंटेलीजेंस यानी आईएसआई ने
दावा किया है कि उसने अलकायदा
आतंकी को ढूंढने में अमेरिका
की मदद की थी.
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अमेरिकी कमांडोज ने
पाकिस्तान के एबटाबाद में दो
मई को ओसामा को उसके ठिकाने
पर मार गिराया था. इसके बाद
अमेरिका व पाकिस्तान के
सम्बंधों में तनाव आ गया था.
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आईएसआई के एक वरिष्ठ अधिकारी
ने 'वाशिंगटन पोस्ट' से कहा,
"ओसामा के ठिकाने की जानकारी
वास्तव में हमने दी थी."
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वाशिंगटन ने आईएसआई के इस
दावे पर संशय जताया है.
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ओसामा के ठिकाने पर अमेरिका
के गोपनीय हेलीकॉप्टरों की
उड़ान के बाद पाकिस्तानी
सेना ने कहा था कि उसे बीते छह
साल से यहां ओसामा की मौजूदगी
के सम्बंध में कोई जानकारी
नहीं थी.
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शुक्रवार को आईएसआई के दो
अधिकारियों ने दैनिक से बात
की.
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एक का कहना था कि आईएसआई के नए
प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल
जहीर उल-इस्लाम इस जासूसी
एजेंसी की अंतर्राष्ट्रीय
छवि सुधारना चाहते हैं.
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अधिकारी ने कहा, "दुनिया में
कहीं पर भी अलकायदा के खिलाफ
कार्रवाई हमारी मदद से हुई
है."
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दूसरे अधिकारी ने कहा कि
आईएसआई ने सीआईए को एक सेलफोन
नम्बर दिया था जिससे अलकायदा
दूत अबु अहमद अल-कुवैत तक
पहुंचने में मदद मिली.
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मीडिया रपट के अनुसार
अधिकारियों ने कहा कि नवंबर
2010 में उन्होंने सीआईए को यह
नंबर दिया. साथ ही यह जानकारी
भी दी कि ओसामा को अंतिम बार
एबटाबाद में देखा गया.
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उनका दावा था कि वह नहीं
जानते थे कि वह नंबर अलकायदा
दूत का है. वैसे सीआईए के
लोगों ने इस सम्बंध में बाद
में पाकिस्तानियों को कोई
जानकारी नहीं दी.
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अधिकारियों ने कहा कि सीआईए
को पता था कि यह नंबर किसका है.
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दूसरे अधिकारी ने इसे घोर
विश्वासघात की कहानी बताया.<br />
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