क्रीमिया पर हो रहा जनमत संग्रह ‘अवैध’

By: | Last Updated: Wednesday, 12 March 2014 3:31 AM

जिनीवा: ‘‘ऑर्गनाइजेशन फॉर सिक्योरिटी एंड कोऑपरेशन इन यूरोप’’ (ओएससीई) के अध्यक्ष ने कहा कि रूस में शामिल होने के लिए क्रीमिया में किया जा रहा जनमत संग्रह (रिफ्रेंडम) यूक्रेन के संविधान का उल्लंघन है.

 

यहां कल जारी एक बयान में ओएससीई के अध्यक्ष डिडाइकर बुख्राल्तेर के हवाले से कहा गया है कि 16 मार्च 2014 को क्रीमिया के संबंध में किया जाने वाला जनमत संग्रह यूक्रेन के संविधान का उल्लंघन है और इसे अवैध समझा जाना चाहिए.

 

उन्होंने क्रीमिया में जनमत संग्रह का ओएससीई द्वारा पर्यवेक्षण (सुपरवाईज) किए जाने से इंकार किया. यूक्रेन में यूरोप समर्थक प्रदर्शनकारियों के तीव्र विरोध के चलते वहां के राष्ट्रपति और क्रेमलिन के सहयोगी विक्टर यानुकोविच को पद छोड़ना पड़ा. इसके बाद रूस समर्थक बलों ने क्रीमिया पर नियंत्रण कर लिया.

 

अब सामरिक (स्ट्रैटजिक) रूप से महत्वपूर्ण इस इलाके के स्वघोषित शासक यूक्रेन के सैनिकों से लड़ने के लिए सैनिक भर्ती कर रहे हैं जबकि रूसी सरकार ने सांसदों को एक बिल का मसौदा भेजा है जो रविवार को होने वाले जनमत संग्रह के बाद क्रेमलिन में क्रीमिया का समायोजन (सेटिंग) आसान करेगा.

 

लेकिन, कीव ने इस जनमत संग्रह को खारिज करते हुए पश्चिमी ताकतों से अपील की है कि वह मास्को पर अपने सैनिक वापस बुलाने के लिए दबाव बनाए.

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Web Title: क्रीमिया पर हो रहा जनमत संग्रह ‘अवैध’
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