'गॉर्ड पार्टिकल' की खोज पर बड़ी घोषणा आज

'गॉर्ड पार्टिकल' की खोज पर बड़ी घोषणा आज

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

<p style="text-align: justify;">
<b>जेनेवा:
</b>इस सृष्टि का जन्म कैसे हुआ?
इस सवाल के जवाब की तलाश अब
पूरी होती नजर आ रही है.
जेनेवा में मौजूद दुनिया की
सबसे बड़ी प्रयोगशाला सर्न
में ये तलाश पूरी हुई है, जहां
वैज्ञानिकों की टीम गॉड
पार्टिकल के रहस्य को
सुलझाने के करीब जा पहुंची
है. ‘गॉड पार्टिकल’ की खोज से
संबंधित एक बड़ी घोषणा आज
दोपहर 02:30 बजे होगी.<br /><br />लेकिन
घोषणा से कुछ घंटे पहले
यूरोपियन आर्गेनाइजेशन फॉर
न्‍यूक्लियर रिसर्च (सर्न) की
कामयाबी का वीडियो लीक हो गया
है, जो कि गलती से वेबसाइट पर
पोस्‍ट हो गया. इस वीडियो में
हिग्‍स बोसोन पार्टिकल की
खोज के बारे में जिक्र किया
गया है.<br /><br />इस लीक हुए वीडियो
में गॉड पार्टिकल ढूंढने का
दावा किया गया है. इस खोज के
बाद अब ब्रह्मांड के राज
सुलझने की उम्‍मीद बंध गई है.
सर्न के परमाणु महाप्रयोग के
दौरान वैज्ञानिकों को यह
कामयाबी हाथ लगी है और हिग्‍स
बोसोन को खोज निकाला है.<br /><br />इस
खोज के बारे में आज ऐलान किया
जा सकता है. अब हिग्‍स बोसोन
के जरिये ब्रह्मांड के पार
जाने का रास्‍ता निकलेगा.
हिग्‍स बोसोन को ही गॉड
पार्टिकल का नाम दिया गया है.
इस ईश्‍वरीय कण की खोज के बाद
अब कई और रहस्‍यों के सुलझने
की उम्‍मीद है.<br /><br />सितारों और
आकाशगंगाओं से भरे इस
ब्रह्मांड को बनाने वाला कौन
है? वो कौन है जिसने ग्रहों और
चंद्रमाओं को जन्म दिया? जीवन
के करोड़ों स्वरूपों से
दमकती इस सृष्टि को रचने वाला
कौन है? कोई दैवी शक्ति या फिर
विज्ञान की वो ताकत जो गॉड
पार्टिकिल में छिपी है?  <a
href="http://abpnews.newsbullet.in/video/india/31904-2012-07-04-02-51-14">वीडियो
देखें</a><br /><br />गॉड पार्टिकल की
कहानी करीब 14 अरब साल पहले
शुरू होती है, जब इस
ब्रह्मांड का जन्म हो रहा था.<br /><br />14
अरब साल पहले जब ऊर्जा के
महाविस्फोट के बाद पदार्थ के
शुरुआती कणों ने जन्म लिया तो
उन कणों का गुण-धर्म तय करने
वाले कई दूसरे अनजाने कण भी
अस्तित्व में आ गए मिसाल के
तौर पर सिंगल टॉप क्वार्क और
हिग्स बोसॉन.<br /><br />फिजिक्स के
सिद्धांत बताते हैं कि
हिग्स-बोसॉन की मौजूदगी ने ही
पदार्थ के कणों में वजन पैदा
किया, लेकिन हिग्स-बोसॉन इस
कदर रहस्यमय हैं कि
वैज्ञानिकों ने उन्हें गॉड
पार्टिकल यानी ईश्वरीय कणों
का नाम दिया है.<br /><br />इस
ब्रह्मांड की रचना गॉड
पार्टिकिल के बगैर मुमकिन
नहीं थी. क्योंकि गॉड
पार्टिकल ने ही अलग-अलग
परमाणुओं को आपस में जोड़कर
नए पदार्थों के अनगिनत अणुओं
को जन्म दिया और इन नए अणुओं
ने आपस में जुड़कर एक से
बढ़कर एक पदार्थ रच डाले.  <a
href="http://abpnews.newsbullet.in/video/india/31906-2012-07-04-03-02-45">वीडियो
देखें</a><br /><br />ये ब्रह्मांड और
इस संपूर्ण सृष्टि का स्वरूप
जैसा हमें नजर आता है, ये केवल
गॉड पार्टिकल की ही देन है.
गॉड पार्टिकिल जितना
महत्वपूर्ण है उतना ही
रहस्यमय भी क्योंकि इसके
निशान तो कई बार मिले, लेकिन
ये अब तक हमारी निगाहों के
सामने नहीं आया है.<br /><br />दुनिया
की सबसे बड़ी प्रयोगशाला
सर्न में गॉड पार्टिकल यानी
हिग्स बोसॉन की खोज जारी है
और अब इस खोज के नतीजे को
जानने का वक्त आ पहुंचा है.<br />
</p>
<p style="text-align: justify;">
<b>आखिर
क्‍या है गॉड पार्टिकल</b> <a
href="http://abpnews.newsbullet.in/video/india/31905-2012-07-04-03-00-15">वीडियो
देखें</a><br />जाहिर है इस समय
सबसे ज्यादा चर्चा गॉड
पार्टिकल की हो रही है. आसान
शब्दों में समझते हैं आखिर
गॉड पार्टिकल क्या है? <br /><br /><b>सवाल</b>:
गॉड पार्टिकल क्या है?<br /><b>जवाब</b>:
गॉड पार्टिकल का वैज्ञानिक
नाम 'हिग्स-बोसॉन' है. सृष्टि
की रचना इसी कण की बदौलत हुई
इसलिए इसे गॉड पार्टिकिल
कहते हैं.<br /><br /><b>सवाल</b>: गॉड
पार्टिकल की खोज महत्वपूर्ण
क्यों है?<br /><b>जवाब</b>: गॉड
पार्टिकल की खोज से हम जान
सकेंगे कि ब्रह्मांड और इस
सृष्टि की रचना कैसे हुई.<br /><br /><b>सवाल</b>:
गॉड पार्टिकल की खोज से मानव
जीवन पर क्या असर पड़ेगा?<br /><b>जवाब</b>:
गॉड पार्टिकल की खोज से
ज्ञान-विज्ञान के नए दरवाजे
खुलेगें और ब्रह्मांड से
हमारे रिश्ते के बारे में समझ
बढ़ेगी.<br /><br /><b>सवाल</b>: गॉड
पार्टिकल की तलाश कैसे की जा
रही है?<br /><b>जवाब</b>: गॉड
पार्टिकिल की तलाश फर्मी लैब,
टेवेट्रॉन और सर्न जैसी
पार्टिकल कोलाइडर मशीनों
में परमाणुओं को तोड़कर की जा
रही है.<br /><br /><b>सवाल</b>: गॉड
पार्टिकल की खोज से दुनिया को
कोई खतरा तो नहीं है?<br /><b>जवाब</b>:
नहीं, गॉड पार्टिकल की खोज से
दुनिया को कोई खतरा नहीं है. 10
साल से जारी ये खोज पूरी तरह
से सुरक्षित है.<br /><br />
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<p xmlns="http://www.w3.org/1999/xhtml">
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</p>
<p style="text-align: justify;">
<a class="video-icon"
href="http://abpnews.newsbullet.in/video/india/31904-2012-07-04-02-51-14">जानिए
गॉड पार्टिकल यानी ईश्‍वरीय
का रहस्‍य</a><br />
</p>
<p style="text-align: justify;">
<span class="video-icon"><a
href="http://abpnews.newsbullet.in/video/india/31905-2012-07-04-03-00-15">आखिर
क्‍या है ये गॉड पार्टिकल या
हिग्स-बोसॉन?</a></span><br />
</p>
<p xmlns="http://www.w3.org/1999/xhtml">
<span class="video-icon"><a
href="http://abpnews.newsbullet.in/video/india/31906-2012-07-04-03-02-45">गॉड
पार्टिकल की खोज में भारत का
योगदान</a></span>
</p>

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