डायन बता कर सरेआम हो रहा है महिलाओं का कत्ल !

By: | Last Updated: Thursday, 13 February 2014 1:33 PM
डायन बता कर सरेआम हो रहा है महिलाओं का कत्ल !

पोर्ट मोरेस्बी: दुनिया आधुनिकता के साथ तरक्की के उजाले की ओर बढ़ रही है, जबकि पापुआ न्यू गिनी अब भी अंधविश्वास के गहरे अंधेरे में डूबा हुआ है. न्यू गिनी में तो हालात इतने संगीन हैं कि यहां महिलाओं को डायन साबित कर बेहरमी से मौत के घाट उतार देना एक आम बात बन गई है.

 

अंधविश्वास में जकड़े लोग जिसपर अंगुली उठा देते हैं, उसे डायन समझ लिया जाता है. भीड़ उसे घर से खींचकर खुले में ले आती है और फिर शुरू होता है वहशियत का नंगा नाच. क्रूरतम प्रताड़ना, गर्म लोहे की रॉड से मारना और जिंदा जलाना ये सब पापुआ न्यू गिनी देश के लिए कोई नई बात नहीं है. यहां अब भी लोग अंधविश्वास का शिकार हैं. काला जादू में अब भी इनका विश्वास जिंदा है, जिसे इनके समाज में संगुमा के नाम से जाना जाता है.

 

 70 लाख की आबादी वाले देश का तकरीबन 80 फीसदी हिस्सा दूर-दराज के कृषि समुदाय में रहता है. न्यू गिनी में अंधविश्वास का शिकार कोई भी हो सकता है, चाहे वो महिला हो या पुरुष. हालांकि, महिलाओं की संख्या इनमें ज्यादा है.

 

इतिहास को पलट कर देखे तो यहां डायन बताकर महिलाओं को बहुत प्रताड़ित किया जाता है. उन्हें फांसी पर लटका दिया जाता है, डुबाकर मार दिया जाता है या फिर कई बार जिंदा जला दिया जाता है. संयुक्त राष्ट्र की रिफ्यूजी एजेंसी की रिपोर्ट का कहना है कि न्यू गिनी में डायन की तलाश के जबरदस्त मामले देखने को मिले हैं. इस भयावह संस्कृति ने गांव के गरीब लोगों के बीच अपनी पैठ बना ली है.

 

यूएनएचसीआर के आंकड़े बताते हैं कि साल भर में सिंबु प्रांत में अकेले 200 लोगों की काला जादू के शक में हत्या कर दी गई. इतना ही नहीं, पीड़ितों को तरह-तरह की प्रताड़ना भी दी गई.

 

यूएनएचसीआर की रिपोर्ट बताती है कि लोगों को अगर अचानक कठिनाई का सामना करना पड़े या फिर वो किसी रोग से पीड़ित हो जाएं, तो इन सबके पीछे काला जादू को ही जिम्मेदार बताया जाता है.

 

गांव में कब्र खोदने का काम करने वाले एक शख्स ने रूस के फोटोग्राफर को बताया कि वो रात के वक्त रोशनी और बंदूक लेकर काला जादू यानी संगुमा से कब्रिस्तान को बचाने के लिए पहरा देता है. उसका कहना है कि रात के वक्त डायन दफ्न लाशों की दावत के लिए कब्रिस्तान आती हैं.

 

यहां अंधविश्वास की शिकार हुई की डिनी कोरल के जख्म भरने में 10 महीने का वक्त लग गया था. पूरे दस महीने वो अस्पताल में रही. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद डिनी कभी अपने गांव नहीं लौटी और न ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन से कोई मदद ली. जबकि काला जादू कर पति की हत्या करने के आरोप में स्थानीय महिला इमेट पर बहुत जुल्म ढाए गए. तीन बेटों समेत चार रिश्तेदारों ने उसे बुरी तरह जलाया और मारा-पीटा. इसके बाद इमेट ने अपने छोटे बेटे डिकन के साथ गांव छोड़ दिया.

 

 2003 में गांव में एक युवक की मौत के बाद महिला रस्टा तुवा पर गांववालों ने काला जादू करने का आरोप लगाया. युवक के अंतिम संस्कार के दौरान भीड़ ने रस्टा पर हमला कर दिया. रस्टा अपने घर की ओर भागी, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया. इस दौरान उसका एक हाथ और उंगली काट दी गई. रस्टा ने अपना गांव छोड़ दिया और कभी नहीं लौटी.

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Web Title: डायन बता कर सरेआम हो रहा है महिलाओं का कत्ल !
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