दुनिया भर में महामारी के स्तर पर पहुंची यौन हिंसा

By: | Last Updated: Sunday, 16 March 2014 7:39 AM
दुनिया भर में महामारी के स्तर पर पहुंची यौन हिंसा

मुंबई: जाने माने नाटककार और निर्देशक याएल फार्बर का कहना है कि विश्व में यौन हिंसा अब महामारी के स्तर पर पहुंच चुकी है तथा इसके खिलाफ आवाज उठाने में रंगमंच महिलाओं की मदद कर सकता है .

 

फार्बर ने प्रेट्र के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘यौन हिंसा विश्वभर में महामारी के स्तर पर पहुंच चुकी है और रंगमंच इस मुद्दे पर बातचीत शुरू करने में भूमिका निभा सकता है एवं आवाज उठाने तथा चुप्पी तोड़ने में महिलाओं की मदद कर सकता है .’’

 

अब मांट्रियल में रहने वाले दक्षिण अफ्रीकी मूल के निर्देशक अपना नाटक ‘‘निर्भया ब्रेकिंग द साइलेंस’’ भारत लेकर आ रहे हैं . यह नाटक 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में चलती बस में एक युवती से हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर आधारित है .

 

नाटक का प्रदर्शन 17 से 28 मार्च तक मुंबई, दिल्ली और बेंगलूर में होगा . इस नाटक में पांच महिलाओं सहित सात कलाकार हैं . इनमें ‘‘डेल्ही बेली’’ की अदाकारा पूर्णा जगन्नाथन, टीवी कलाकार प्रियंका बोस, सेलेब्रिटी हेयरस्टाइलिस्ट सपना भवानी और तेजाब हमले की पीड़ित स्नेहा जावले शामिल हैं जो यौन और लिंग आधारित हिंसा पर निजी अनुभव बयां करती हैं .

 

निर्देशक का कहना है, ‘‘इन प्रमाणों में दहेज के लिए महिलाओं को जला देना, बाल शोषण, वैवाहिक बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और सार्वजनिक परिवहन में तथा नगरीय भारत की सड़कों पर आए रोज होने वाला यौन उत्पीड़न अन्याय शामिल है .’’

 

फार्बर के इस नाटक में पांच व्यक्तिगत कहानियां हैं. बाकी दो कलाकार जपदीप कौर और अंकुर विकल अपने अभिनय से 16 दिसंबर की रात के घटनाक्रमों, लोगों और इसके बाद जो हुआ उसे पेश कर रहे हैं. फार्बर ने कहा, ‘‘यह बहुत ही व्यक्तिगत हैं और इसमें कलाकारों से बहुत अधिक साहस अपेक्षित था. दुनिया भर में यौन हिंसा की प्रतिक्रिया के तौर पर सांस्कृतिक रूप से पैदा हुई खामोशी को तोड़ने का यह एक महत्वपूर्ण भाव है.’’ हालांकि फार्बर के कई नाटकों का दुनिया भर में प्रदर्शन हो चुका है और इनकी वजह से उनकी पहचान कड़े संदेशों वाले विवादित नाटकों को लेकर बन गयी है. उनके किसी नाटक का पहली बार भारत में प्रदर्शन हो रहा है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘हमने अपनी उम्मीदें खुली रखी हुई हैं और इसे लेकर अच्छा महसूस कर रहे हैं. मुझे नहीं पता कि दर्शकों को हमारा नाटक कैसा लगेगा. हमें पता है कि हम इस नाटक को उसके मूल देश ला रहे हैं.’’ पूर्णा जगन्नाथन ने दिल्ली सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद फार्बर से फेसबुक पर संपर्क किया जिसके बाद इस नाटक की योजना बनी.

 

नाटक का लंदन के एडिनबर्ग फ्रिंज महोत्सव में प्रदर्शन हुआ और इसे एमनेस्टी इंटरनेशनल फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन अवार्ड, स्कॉट्समैन फ्रिंज फर्स्ट और हेराल्ड एंजेल अवार्ड फोर आउटस्टैडिंग न्यू प्ले जैसे कई पुरस्कार मिले हैं.

World News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: दुनिया भर में महामारी के स्तर पर पहुंची यौन हिंसा
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017