नोबेल पुरस्कार विजेता महान लेखक गार्सिया मारकेज का निधन

By: | Last Updated: Friday, 18 April 2014 5:57 AM
नोबेल पुरस्कार विजेता महान लेखक गार्सिया मारकेज का निधन

फिदेल कास्त्रो के साथ गार्सिया मारकेज

मैक्सिको सिटी: अपनी अद्भुत रचनाओं से जुनून, अंधविश्वास , हिंसा और सामाजिक असमानता का अनोखा तानाबाना बुनने वाले साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित महान लेखक गैब्रियल गार्सिया मारकेज इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं.

 

मैक्सिको सिटी में मारकेज ने अपने घर में अंतिम सांस ली. वह 87 वर्ष के थे.

 

17वीं सदी में मिग्यूएल दा कारवांतेस के बाद स्पैनिश भाषा के सर्वाधिक लोकप्रिय लेखक माने जाने वाले और कोलंबिया में पैदा हुए गार्सिया मारकेज ने विश्व साहित्य में वह दर्जा हासिल किया जो मार्क ट्विन और चार्ल्स डिकन्स को हासिल है. उनकी रचनाओं का जादू इस कदर मायावी था कि लातिन अमेरिका के बाहर भी उनके मुरीद उससे प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके.

 

उनकी विश्व प्रसिद्ध रचनाओं में ‘‘क्रानिकल्स आफ ए डैथ फोरटोल्ड’’ , ‘‘लव इन दी टाइम आफ कोलरा’’ तथा ‘‘आटम आफ दी पैट्रिआर्क’’शामिल हैं जिन्होंने बाइबिल को छोड़कर स्पैनिश भाषा की किसी रचना की बिक्री के सभी रिकार्ड तोड़ दिए थे.

 

मैक्सिको सरकार ने बताया कि गार्सिया मारकेज ने गुरूवार को दोपहर बाद दो बजे अंतिम सांस ली. उसके तीन घंटे बाद धूसर रंग का एक शव वाहन लेखक के घर से निकला जिसकी अगुवाई पुलिस अधिकारियों की दर्जनों गश्ती कारें और मोटरसाइकिलों का काफिला कर रहा था. कोलंबिया के राष्ट्रपति जुआन मैन्अुल सांतोस ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘ सर्वकालिक महान कोलंबियाई लेखक के निधन ने हजारों साल का शून्य और उदासी दी है….उनकी पत्नी और परिजनों के प्रति संवेदना और एकजुटता…ऐसे महान लोग कभी मरते नहीं हैं.’’

 

उनकी महान कथा ‘‘हंड्रेड ईयर्स आफ सोलिट्यूड ’’का पहला वाक्य अभी तक की सर्वाधिक लोकप्रिय प्रथम पंक्ति माना जाता है जो इस प्रकार है , ‘‘कई साल बाद , जब उसका सामना फायरिंग स्क्वैड से हुआ , कर्नल आर्लियानो ब्यूंदिया को एक दोपहर की वह घटना याद आयी जब उसके पिता उसे बर्फ की खोज के लिए ले गए थे.’’ उनके आत्मकथा लेखक गेराल्ड मार्टिन ने बताया कि यह पहला उपन्यास था जिसमें ‘‘लातिन अमेरिकियों ने खुद को पहचाना , जो उनकी व्याख्या करता था , उनके जुनून का जश्न मनाता था , उनके जज्बे , उनकी आध्यात्मिकता और उनके अंधविश्वासों तथा विफलता के लिए उनकी प्रवृत्ति को दर्शाता था.’’

 

मारकेज के निधन के समय दर्जनों पत्रकार एक धनी मानी इलाके में स्थित उनके औपनिवेशिक लाल रंग की ईंटों से बने घर के बाहर डेरा डाले हुए थे. उनके दोस्तों और प्रशंसकों की लंबी कतारें घर के बाहर लगी थीं जो उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने आए थे. काली वेशभूषा पहने तीन महिलाएं एक एक करके घर के भीतर गयीं. घर के भीतर से रोने की आवाजें साफ सुनी जा सकती थीं. उनके परिवार ने गुरूवार को देर शाम जारी एक बयान में कहा कि गार्सिया मारकेज का अंतिम संस्कार बेहद निजी तौर पर संपन्न होगा. मैक्सिको के सांस्कृतिक अधिकारी ने यह बयान पढ़ा.

 

मारकेज ने जब 1982 में नोबेल पुरस्कार ग्रहण किया था तो उन्होंने लातिन अमेरिका के बारे में कहा था, ‘‘अतृप्त सृजनात्मकता का स्रोत, दुखों और सौंदर्य से भरा हुआ है जिसमें यह घुमक्कड़ कोलंबियाई एक बेहद तुच्छ जीव है जिसे भविष्य ने चुना है.’’ अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उनके निधन पर अपने शोक संदेश में कहा, ‘‘ विश्व ने एक महान दूरदृष्टा लेखक खो दिया है जो मेरी युवावस्था में मेरे प्रिय लेखकों में से एक थे.

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Web Title: नोबेल पुरस्कार विजेता महान लेखक गार्सिया मारकेज का निधन
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