‘पत्थर के आंसू’ रो रही है 12 साल की सादिया

By: | Last Updated: Wednesday, 5 February 2014 12:20 PM
‘पत्थर के आंसू’ रो रही है 12 साल की सादिया

साना: 12 साल की एक यमनी लड़की सादिया सालेह डॉक्टरों के लिए रहस्य बनी हुई है. सादिया जब रोती है तो उसकी आंखों से आंसू नहीं, बल्कि नन्हें-नन्हें पत्थर निकलते हैं. स्थानीय लोग इस ‘करामात’ से घबराए हुए हैं और उनका मानना है कि सादिया पर किसी प्रेतात्मा का साया है.

 

डॉक्टरों का कहना है कि यमन के एक गांव में रहने वाली सादिया सालेह की पलकों के भीतर से नन्हें-नन्हें पत्थर के टुकड़े अपने-आप बन रहे हैं. पत्थर का टुकड़ा जब पूरा बन जाता है तो वो अपने-आप उभरकर ऊपर आ जाता है और फिर आंसू की तरह सादिया के गालों से नीचे ढलक जाता है.

 

यमन के टीवी चैनल अजल ने सादिया की आंखों में पत्थर बनने की इस पूरी घटना का वीडियो तैयार कर उसे यूट्यूब में पोस्ट किया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में सादिया की पलकों के भीतर पत्थर बन रहे हैं और किस तरह से डॉक्टर इन नन्हें पत्थरों को छोटी डिबिया में इकट्ठा कर रहे हैं.

 

डेली मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक सादिया की आंखों से पत्थरों को निकलता देख डॉक्टर हैरान हैं. डॉक्टरों का कहना है कि सादिया की आंखों में पत्थर कैसे बन रहे हैं, इसका कोई भी जवाब उनके पास नहीं है. फिलहास सादिया बिल्कुल सेहतमंद है और उसे किसी किस्म की कोई बीमारी नहीं है.

 

 जिनमें आंखों से पिन और चीटियों का निकलना रिपोर्ट किया गया है. लेकिन जब इन मामलों की गहरी छानबीन की गई तो पता चला कि ये करामात खुद रोगी की थी. लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए रोगी खुद आंखों में पिन और चीटियां डाल लेता था और फिर ऐक्टिंग करता था कि उसकी आंखों से ये चीजें अपने-आप निकल रही हैं.

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Web Title: ‘पत्थर के आंसू’ रो रही है 12 साल की सादिया
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