पाकिस्तान में जियो टीवी के संपादक हामिद मीर की हालत खतरे से बाहर, गोली लगने के बाद कराची के अस्पताल में सफल ऑपरेशन

पाकिस्तान में जियो टीवी के संपादक हामिद मीर की हालत खतरे से बाहर, गोली लगने के बाद कराची के अस्पताल में सफल ऑपरेशन

By: | Updated: 20 Apr 2014 03:58 AM

कराची: पाकिस्तान के वरिष्ठ टीवी पत्रकार हामिद मीर को आज यहां कार्यालय जाते वक्त एक पुल के पास चार बंदूकधारियों ने गोलियां मार दीं. मीर को तालिबान और अन्य आतंकी संगठनों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं.

 

शुरूआती खबरों में यहां कहा गया कि 47 साल के मीर को कराची हवाई अड्डे से निकलकर अपने कार्यालय ‘जिओ स्टूडियो’ जाते वक्त नाथ खान पुल के पास गोलियां मारी गईं जिससे उनके शरीर के निचले हिस्से में तीन छर्रे लगे. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां तीन घंटे तक उनका आपरेशन चला. बहुत ज्यादा खून बह जाने के कारण ऑपरेशन में अनुमान से ज्यादा वक्त लगा.

 

कराची पुलिस प्रमुख शाहिद हयात ने कहा कि मीर को तीन गोलियां मारी गईं जिसमें एक गोली उनकी आंत में लगी जबकि दो अन्य गोलियां उनकी टांग और पेट के निचले हिस्से में लगीं. उन्होंने कहा कि मीर ‘‘खतरे से बाहर’’ हैं.

 

जियो टीवी ने खबर दी कि मीर के साथ सुरक्षाकर्मी मौजूद था और मीर ने उन पर हमले के बारे में कार्यालय फोन करके शाम पांच बजे के करीब जानकारी दी.

 

कार के चालक के अनुसार, फ्लाईओवर के पास कार की रफ्तार धीमी होने पर, मोटरसाइकिल पर सवार एक बंदूकधारी ने गोली चला दी जिसके बाद उन्होंने वाहन की रफ्तार तेज कर दी.

 

जियो न्यूज ने खबर दी कि बाइक और कार पर बैठकर आए हमलावरों ने उनका पीछा किया.

 

चालक वाहन को सीधे अस्पताल ले गया. यह घटना शाम साढे पांच बजे यहां हुई और मीर को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया.

 

 

जियो न्यूज के इस्लामाबाद के ब्यूरो प्रमुख राणा जावेद ने कहा कि मीर ने हमले के बाद उनसे कहा कि बंदूकधारी उनका पीछा कर रहे थे और उन्होंने कार पर गोलियां चलाईं. एक लोकप्रिय समाचार एंकर, आतंकवाद विशेषज्ञ और सुरक्षा विश्लेषक मीर फिलहाल राजनीतिक टाक शो ‘कैपिटल टाक आन जियो टीवी’ की मेजबानी करते हैं. वल्ड ट्रेड सेन्टर पर हमले के बाद ओसामा बिन लादेन का पहला साक्षात्कार मीर ने ही किया था.

 

नवंबर 2012 में उनकी कार से एक बम बरामद हुआ था. माना जाता है कि यह बम पाकिस्तानी तालिबान ने रखवाया था.

 

पिछले महीने वरिष्ठ विश्लेषक रजा रूमी पर लाहौर में गोली चलाई गई थी जिससे उनके चालक की मौत हो गई थी.

 

मीडियाकर्मियों की सुरक्षा का मुददा ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ मुलाकात के दौरान उठाया था और प्रधानमंत्री ने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने का वादा किया था.

 

अभी तक किसी संगठन ने आज के हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.

 

इस मामले में सेना का नाम आने के बाद पाकिस्तानी सेना ने एक बयान जारी कर यह स्पष्ट किया है कि हमले का किसी भी रूप में देश की खुफिया एजेंसी आईएसआई से लेना-देना नहीं है.

 

राजनीतिक दलों ने इस हमले की निंदा की.

 

पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ प्रमुख इमरान खान ने ट्वीट किया, ‘‘कराची में हामिद मीर पर हमले से स्तब्ध और दुखी हूं. पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और धमकियों की कड़ी निंदा. सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.’’ पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने ट्वीट किया, ‘‘हामिद मीर बोलने से कभी पीछे नहीं हटते हैं. ईश्वर इस घिनौने हमले से इस बहादुर को तेजी से उबरने की शक्ति दे.’’

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