पिघल रही बर्फ का 90 फीसद हिस्सा जलमग्न

पिघल रही बर्फ का 90 फीसद हिस्सा जलमग्न

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

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<b>लंदन: </b>अंटार्कटिक
में पिघल रही बर्फ पर किए गए
एक नए अध्ययन से पता चला है कि
यहां के कुछ हिस्सों में पिघल
रही बर्फ का 90 फीसद हिस्सा
इसके जलमग्न हिम खंडों का है.
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शोधकर्ताओं ने कहा, ‘‘हिम
शैलों के बनने और पिघलने के
कारण प्रति वर्ष 2,800 घन
किलोमीटर बर्फ अंटार्कटिक
की बर्फीली चादर से दूर जा
रही है.
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इसमें से ज्यादातर हिमपात के
कारण प्रतिस्थापित हो रही है,
लेकिन किसी भी असंतुलन से
वैश्विक समुद्री सतह में
परिवर्तन हो सकता है.’’
ब्रिस्टल विश्वविद्यालय के
शिक्षाविदों ने युट्रेक्ट
विश्वविद्यालय और
कैलीफोर्निया
विश्वविद्यालय के अपने
सहयोगियों के साथ मिलकर किए
एक अनुसंधान में उपग्रह और
जलवायु मॉडल के आंकड़ों का
इस्तेमाल कर साबित किया है कि
पूरे अंटार्कटिक और विशेष
रूप से इसके कुछ हिस्सों पर
हिम खंडों के पिघलने का
हिमशैलों के बनने जितना ही
प्रभाव पड़ रहा है.
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इन शिक्षाविदों की यह खोज
नेचर पत्रिका में प्रकाशित
हुई है.
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वर्तमान में करीब 140,000 तिब्बती
निर्वासित हैं. इनमें से 100,000
भारत के विभिन्न हिस्सों में
रह रहे हैं. तिब्बत में छह लाख
से अधिक लोग रहते हैं.
निवार्सित सरकार को किसी भी
देश से मान्यता नहीं है.<br /><br />
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