बौद्ध मंदिर को दीमक और ऊंची इमारतों से खतरा

बौद्ध मंदिर को दीमक और ऊंची इमारतों से खतरा

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

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<b>शंघाई:</b>
चीन में 130 वर्ष पुराना बौद्ध
मंदिर पुराने पड़ चुके ढांचे,
दीमक और आसपास की गगनचुम्बी
इमारतों के कारण खतरनाक
स्थिति का सामना कर रहा है. <br /><br />जानकारी
के अनुसार पुटुओ जिले में जेड
बौद्ध मंदिर की स्थापना वर्ष
1882 में की गई थी. इसके लिए दो
जेड बुद्ध बुतों को समुद्र के
रास्ते म्यांमार से शंघाई
लाया गया था. <br /><br />समाचार पत्र
'शंघाई डेली' की रपट के अनुसार
यह मंदिर न केवल चीनी
पर्यटकों को आकर्षित करता है,
बल्कि दुनिया भर में
प्रसिद्ध हैं.  <br /><br />एक
स्थानीय वास्तुकला गुणवत्ता
परीक्षा केंद्र की रपट से पता
चला है कि मंदिर की इमारत को
दीमक से नुकसान पहुंचा है.
साथ ही इमारत के ढांचे में
दरार पड़ने और उसके झुकने से
भी मंदिर को खतरा है. <br /><br />सुरक्षा
जोखिमों को कम करने और मंदिर
के ढांचे को मजबूती प्रदान
करने के लिए पुनर्निर्माण के
प्रयास चल रहे हैं.  <br /><br />मंदिर
के प्रमुख पुजारी ज्यूए झिंग
ने बताया कि मंदिर की इमारत
तंग होने की वजह से आग और अन्य
दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता
है.<br />
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