मलेशियाई विमान: 'जिस जगह की हम कल्पना भी नहीं कर सकते अगर विमान वहां है तो हम वहां भी जाएंगे!'

मलेशियाई विमान: "जिस जगह की हम कल्पना भी नहीं कर सकते अगर विमान वहां है तो हम वहां भी जाएंगे!"

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

मेलबर्न: आस्ट्रेलियाई सैन्य विमानों ने पर्थ के करीब 2,500 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में दक्षिणी हिंद महासागर में लापता मलेशियाई विमान की तलाश आज फिर से शुरू कर दी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आस्ट्रेलियाई समुद्री सुरक्षा प्राधिकरण (एएमएसए) ने बताया कि वह इलाके में पांच विमानों को फिर से भेज रहा है और एक व्यापारिक जहाज पहले ही वहां है.

 

रिपोर्ट में बताया गया है कि एक ‘एयर फोर्स ओरियन’ पर्थ से आज सुबह चार घंटे की उड़ान के लिए तलाशी क्षेत्र की ओर रवाना हुआ और एक अन्य ओरियन तथा एक गल्फस्ट्रीम विमान को इसके पीछे भेजा जाना है.

 

उपग्रह से दो वस्तुओं का पता चला है जिन्हें लापता विमान का मलबा समझा जा रहा है. एएमएसए ने कहा कि उपग्रहों की तस्वीरों में दिख रही वस्तुओं को ‘‘विश्वसनीय’’ सुराग माना जा रहा है.

 

26 देशों के दल उड़ान एमएच 370 का पता लगाने की अब भी कोशिश कर रहे हैं. यह विमान आठ मार्च को कुआलालम्पुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरने के एक घंटे बाद लापता हो गया था. इसमें पांच भारतीयों और एक भारतीय-कनाडाई समेत 239 लोग सवार थे.

 

आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने कल कहा कि उनका देश तलाश अभियानों के लिए सभी संसाधनों का उपयोग कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘हम जब तक वस्तुओं को निकटता से नहीं देख लेते, तब तक हमें यह नहीं पता चलेगा कि उपग्रह ने क्या देखा. लेकिन इसे सबसे अधिक चौंकाने वाले रहस्य का पता लगाने के लिए सबसे ठोस सबूत माना जा रहा है.’’

 

एबॉट ने पापुआ न्यू गिनी में कहा, ‘‘हम इसका पता लगाने के लिए वह हर कोशिश करेंगे जो हम कर सकते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप पृथ्वी पर जिस सबसे नहीं पहुंच पा सकने वाली जगह की कल्पना कर सकते है, यह उस जगह के बारे में है लेकिन यदि वहां कुछ है तो हम उसका पता लगाएंगे.’’

 

हालांकि एएमएसए ने सतर्क किया कि जरूरी नहीं कि ये वस्तुएं लापता विमान से संबंधित ही हों. वाणिज्यिक कंपनी डिजिटलग्लोब से रविवार को तस्वीरें मिली थीं. अधिकारियों ने बताया कि इन तस्वीरों से खुलासा हुआ कि पानी में दो वस्तुएं हैं जिनमें से एक की लंबाई 24 मीटर है.

 

तलाश में आज बाद में तीसरे ‘एयर फोर्स ओरियन’ और अमेरिकी नौसेना के एक ‘पोसीडोन’ को लगाए जाने की संभावना है. एक ओरियन कल खराब मौसम के कारण मलबे का पता लगाने में असफल रहा था.

 

फ्लाइट लेफ्टिनेंट क्रिस बिरेर ने बताया कि कल मौसम संबंधी परिस्थितियां बहुत खराब थीं और आज मौसम बेहतर है. स्थानीय मीडिया ने पूर्व आस्ट्रेलियाई नौसेना प्रमुख एडमिरल क्रिस बेरी के हवाले से कहा कि उपग्रह से पता लगी बड़ी वस्तु समुद्र में गिरा कोई कंटेनर हो सकता है.

 

उन्होंने लापता विमान के मलबे की तलाश के कई दिनों या सप्ताहों तक चलने की आशंका जताई.

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