मलेशियाई विमान: मिल रहे सिग्नल की वजह से तलाश का दायरा हुआ कम

मलेशियाई विमान: मिल रहे सिग्नल की वजह से तलाश का दायरा हुआ कम

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

पर्थ: मलेशियाई एयरलाइंस के लापता विमान के ब्लैक बॉक्स से इस सप्ताह पानी के नीचे मिले ताजा संकेतों के बाद विमान की तलाश के दायरे को आज काफी कम कर दिया गया. मलेशियाई एयरलाइंस की उड़ान एमएच-370 को कल के 75,000 वर्ग किलोमीटर के तलाशी इलाके से कम करके आज 57,923 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया.

 

तलाश के इलाके का केंद्र पर्थ के उत्तर पश्चिम में लगभग 2280 किलोमीटर में हैं. यह महीने भर से चल रही तलाश का अब तक का सबसे छोटा तलाश क्षेत्र है जहां 10 सैन्य विमान, चार असैन्य विमान और 13 जहाज लापता विमान की तलाश कर रहे हैं.

 

आस्ट्रेलियाई जहाज ओशन शील्ड को गत शनिवार को दो संकेत मिलने के बाद मंगलवार को भी दो संकेत मिले थे. सभी तरंगें या दर्ज किये गये सिग्नल एक दूसरे से करीब 27 किलोमीटर के दायरे में रिकॉर्ड किये गये हैं.

 

खोजबीन का नेतृत्व कर रहे ज्वाइंट एजेंसी कॉर्डिनेशन सेंटर के प्रमुख अंगस ह्यूस्टन ने कल कहा, ‘‘अब मैं आशावान हूं कि हम विमान को खोज लेंगे या विमान का मलबा अधिक दूर नहीं है.’’ उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि कुछ दिनों में वे ऐसा कुछ खोजने में सफल रहेंगे जो इस बात की पुष्टि कर सकेगा कि एम-370 कहां गिरा है.

 

जेएसीसी ने बताया कि विमानों एवं जहाजों को कल की तलाश के दौरान कई वस्तुओं का पता चला था लेकिन उनमें से कुछ ही वस्तुएं प्राप्त की जा सकी. हालांकि इन वस्तुओं में से किसी को भी एमएच-370 से संबंधित नहीं माना जा रहा है.

 

विमान की तलाश से जुड़े एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम में ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने शनिवार को मिले सिग्नलों का विश्लेषण किया. उनका कहना है कि ये तरंगें प्राकृतिक नहीं थीं और संभवत: किसी विशेष इलेक्ट्रानिक उपकरण से निकली होंगी. कुछ जलीय जीव भी इस तरह की आवाज निकालते हैं.

 

जेएसीसी ने आज बताया कि रात भर में कोई और सिग्नल नहीं मिले हैं. ब्लैक बॉक्स का पता लगाया जाना महत्वपूर्ण है. इसके मिलने के बाद ही पता चलेगा कि आठ मार्च को रवाना हुए विमान के साथ क्या हुआ था. बीजिंग जा रहे बोइंग-777 विमान एमएच-370 में पांच भारतीय सहित 239 लोग सवार थे.

 

ब्लैक बॉक्स की बैटरियां 30 दिनों तक काम कर सकती हैं. इन बैटरियों को इस तरह से बनाया गया है कि वे जल के संपर्क में आने के साथ ही सटीक एवं मजबूत संकेत देने लगे.

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