मलेशियाई विमान: मिल रहे सिग्नल एमएच-370 के सिग्नल हैं या नहीं, पता लगाने की कोशिश

मलेशियाई विमान: मिल रहे सिग्नल एमएच-370 के सिग्नल हैं या नहीं, पता लगाने की कोशिश

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

पर्थ: कुल 48 घंटे की समय सीमा से पहले, हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त मलेशियाई जेट विमान के ब्लैक बॉक्स की खोज आज तेज हो गई और चीनी और ऑस्ट्रेलियाई नौसैनिक पोतों ने इलेक्ट्रोनिक पल्स के कई उत्साहजनक सुराग मिलने की खबर दी है. संभावना है कि यह इलेक्ट्रोनिक पल्स विमान के डाटा रिकॉर्डर की हैं.

 

नए सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार, मलेशियाई एयरलाइन्स के विमान एमएच-370 की संभावित लोकेशन वही है जहां चीनी गश्ती पोत हैक्सियन 01 ने शुक्रवार और शनिवार को गहरे पानी में कुछ ध्वनियों का पता लगाया था.

 

जॉइंट एजेन्सी कोऑर्डिनेशन सेंटर के प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एंगुश ह्यूस्टन ने बताया कि हैक्सियन 01 ने करीब 4,500 मीटर की गहराई से आती ध्वनियों का दो जगहों पर पता लगाया है और दोनों जगहों के बीच की दूरी केवल 2 किमी है.

 

बहुराष्ट्रीय खोज दल जेट विमान के दो ब्लैक बॉक्स, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर की तलाश कर रहे हैं. अत्याधुनिक उपकरणों से लैस जहाजों की मदद से पता लगाया जा रहा है कि जो सिग्नल मिले हैं वह कहीं दुर्घटनाग्रस्त मलेशियाई विमान के ब्लैक बॉक्स के तो नहीं हैं.

 

इन जहाजों पर अत्याधुनिक गहरे सागर ब्लैक बॉक्स डिटेक्टर हैं. ब्लैक बॉक्स की खोज यह पता लगाने के लिए महत्वपूर्ण है कि 8 मार्च को 5 भारतीयों सहित 239 लोगों को लेकर बीजिंग जा रहे मलेशियाई एयरलाइन्स के पोत के दक्षिणी हिंद महासागर में दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले क्या हुआ था.

 

खोज दल बहुत तेजी से अपने काम में जुटे हैं क्योंकि ब्लैक बॉक्स फ्लाइट रिकार्डर की बैटरियां करीब 30 दिन तक ही काम करती हैं, जिसका मतलब है कि वे अगले दो दिन में बंद हो जाएंगी. ह्यूस्टन ने कहा कि इलेक्ट्रोनिक पल्स किसी विमान के फ्लाइट डेटा और व्वायस रिकार्डर के पिंगर से निकलने वाल ध्वनि तरंगें जैसी ही थी लेकिन इसका सत्यापन नहीं हो पाया है कि यह उड़ान एमएच-370 की ही हैं.

 

उन्होंने बताया कि ध्वनियां पानी के भीतर लंबी दूरी तय करती हैं. यदि डिटेक्टर पिंगर के समीप हों तो वह कुछ ज्यादा समय तक सिग्नल पकड़ेगी. ह्यूस्टन ने यह भी बताया कि खोज अधिकारियों को भी बताया गया है कि आस्ट्रेलियाई नौसेना के जहाज ओसियन शील्ड को महासागर के दूसरे क्षेत्र में ध्वनि सुनाई दी है. इस पर अत्याधुनिक उपकरण लगे हैं.

 

उन्होंने कहा कि ये घटनाक्रम तबतक असत्यापित समझे जाएंगे जबतक हम स्पष्ट रूप से सत्यापित न कर सकें. ह्यूस्टन ने कहा, ‘‘हम बहुत बड़े सागर और एक विशाल क्षेत्र में काम कर रहे हैं तथा जब से विमान लापता हुआ है, तब से अबतक हमें बहुत थोड़े सुराग मिले है लेकिन उसी आधार पर हम अपना खोज क्षेत्र सीमित करते जा रहे हैं. ’’

 

उन्होंने बताया कि ब्रिटिश नौसेना के जहाज एचएमएस इको भी उस क्षेत्र की ओर जा रहा है जहां चीनी जहाजों को सिग्नल का पता चला था. उसपर अत्याधुनिक डिटेक्शन गियर लगे हैं. उसके आज रात तक पहुंचने की संभावना है. आस्ट्रेलियाई विमान भी उस ओर गए हैं.

 

उड़ान 370 की बहुराष्ट्रीय खोज में ये सिग्नल सबसे नए सुराग हैं. जांचकर्ता अबतक यह कह नहीं पाए कि विमान अपने रास्ते से दूर जाकर क्यों गिरा या दरअसल अंत में हुआ क्या.

 

उल्लेखनीय है कि 8 मार्च को क्वालांलम्पुर से बीजिंग के लिए रवाना हुआ मलेशियाई विमान एमएच-370 लापता हो गया था. उस पर 239 लोग सवार थे जिनमें पांच भारतीय, भारतीय मूल का एक कनाडाई तथा 154 चीनी नागरिक थे.

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