युद्ध से बचने में कामयाब रहा सीरिया: असद के मंत्री

युद्ध से बचने में कामयाब रहा सीरिया: असद के मंत्री

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

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<b>दमिश्क:</b>
सीरिया के एक वरिष्ठ मंत्री
ने कहा है कि रासायनिक
हथियारों को नष्ट करने के लिए
अमरीका और रूस के बीच हुए
समझौते के चलते सीरिया 'युद्ध
से बचने' में कामयाब हो गया.
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बीबीसी के अनुसार मसौदा
दस्तावेज के मुताबिक सीरिया
को एक सप्ताह के भीतर अपने
रासायनिक हथियारों के जखीरे
का ब्योरा देना होगा और 2014 के
मध्य तक उन हथियारों को पूरी
तरह से नष्ट करना होगा.
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सीरिया ऐसा नहीं करता है तो
आखिरी विकल्प के रूप में इस
समझौते को संयुक्त राष्ट्र
के प्रस्ताव के जरिए
बलपूर्वक लागू कराया जाएगा.
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सीरिया के सामंजस्य
(रीकन्सिलिएशन) मंत्री अली
हैदर ने रूसी समाचार एजेंसी
रिया नोवोस्ती से बताया कि
"हम समझौते का स्वागत करते
हैं." इस समझौते पर सीरिया की
यह पहली आधिकारिक
प्रतिक्रिया है.
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हैदर ने कहा, "एक तरफ तो इससे
सीरिया को संकट से उबरने में
मदद मिली है, तो दूसरी तरफ
इससे सीरिया के खिलाफ युद्ध
से बचने में मदद मिली है,
जिससे उन लोगों को निराशा हुई
है जो ऐसा करने के लिए इसे
दलील के तौर पर पेश करना
चाहते थे."
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उन्होंने कहा, "यह सीरिया के
लिए एक जीत है, जिसके लिए
हमारे रूसी दोस्तों को
धन्यवाद."
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सीरिया हाल में वैश्विक
रासायनिक हथियार समझौते में
शामिल होने पर सहमत हुआ है और
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि
वह 14 अक्टूबर से इस संधि के
दायरे में आ जाएगा.
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इस मसौदा समझौते की घोषणा
जेनेवा में रूस के विदेश
मंत्री सर्गेई लावरोव और
अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन
कैरी के बीच तीन दिन की
वार्ता के बाद शनिवार को की
गई.
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उधर तुर्की के विदेश
मंत्रालय के अनुसार, सीरिया
के रासायनिक हथियारों को
खत्म करने के बारे में रूस और
अमेरिका के बीच हुआ समझौता एक
सकारात्मक कदम है लेकिन
सीरिया सरकार इसका लाभ उठा
सकती है.
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समाचार एजेंसी सिन्हुआ के
मुताबिक विदेश मंत्रालय के
एक अधिकारी ने कहा कि यह
समझौता सीरिया के लिए समय
हासिल करने की प्रक्रिया
नहीं बनना चाहिए. अधिकारी ने
कहा कि सीरिया से रासायनिक
हथियार लेने का जो समय दिया
गया है वह समझौते का लाभ
उठाने के लिए पर्याप्त है.
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बहरहाल तुर्की के विदेश
मंत्री अहमत दावतोग्लु ने
शनिवार की रात फोन कर सीरिया
को लेकर अपनी चिंताओं से
अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन
केरी को अवगत करा दिया है.
उन्होंने कहा कि समझौता
सीरिया में तत्काल संघर्ष का
हल निकालने में सहायक नहीं
है.
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सीरिया के मुद्दे पर अमेरिका
और रूस के बीच हुए समझौते का
जापान सरकार ने स्वागत किया
है. जापान के विदेश मंत्री
फ्यूमियो किशिदा ने एक बयान
में सीरिया के रासायनिक
हथियारों को अंतर्राष्ट्रीय
निगरानी में नष्ट करने पर हुए
समझौते का स्वागत किया है.
उन्होंने यह भी कहा कि जापान
इसकी वास्तविक कार्रवाई को
भी देखेगा.
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किशिदा ने कहा कि जापान सभी
प्रयासों का समर्थन करता
रहेगा, जिनसे भविष्य में कभी
भी रासायनिक हथियारों का
उपयोग न हो.<br /><br />अमेरिकी विदेश
मंत्री जॉन केरी और रूसी
विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव
ने शनिवार को सीरिया के
रासायनिक हथियारों को नष्ट
करने के लिए एक समझौते की
घोषणा की.<br /><br />समझौते के तहत
सीरिया को एक हफ्ते के भीतर
अपने रासायनिक हथियार भंडार
की सूची उपलब्ध करानी होगी और
अंतर्राष्ट्रीय निरीक्षकों
को उनके निरीक्षण की अनुमति
देनी होगी.<br /><br />क्यूबा के
पूर्व राष्ट्रपति फिदेल
कास्त्रो ने सीरिया के
रासायनिक हथियारों को
अंतर्राष्ट्रीय नियंत्रण
में लाने और उनको नष्ट करने
के रूस के प्रस्ताव का स्वागत
किया है.<br /><br />एक लेख में
कास्त्रो ने कहा कि रूस के
कारण सीरिया में संघर्ष का
विस्फोट होने से बच गया, जो
अमेरिकी सरकार के दावे के
कारण अवश्यंभावी लग रहा था.
लेख पर 10 सितंबर की तिथि दर्ज
है और इसे क्यूबा के अखबारों
में इसी शनिवार को प्रकाशित
किया गया.<br /><br />कास्त्रो ने कहा
कि अमेरिका के सीरिया पर हमले
में हजारों लोगों की मौत होती
और इसके साथ ही इस संघर्ष के
अप्रत्याशित परिणाम होते.
उन्होंने कहा कि रूस के विदेश
मंत्री सेर्गेई लावरोव ने एक
वैश्विक त्रासदी को टालने
में योगदान दिया.<br />
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कास्त्रो ने कहा कि अमेरिकी
लोगों ने भी इस कदम का विरोध
किया. हमले से न केवल उनका देश,
वरन पूरी मानवता प्रभावित
होती.<br />
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