रूसी समर्थकों का यूक्रेनी युद्धपोतों पर कब्जे से यूरोप में युद्ध का खतरा, अमेरिका ने नए प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि संकट कम कर सकता है रुस!

By: | Last Updated: Friday, 21 March 2014 4:56 AM
रूसी समर्थकों का यूक्रेनी युद्धपोतों पर कब्जे से यूरोप में युद्ध का खतरा, अमेरिका ने नए प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि संकट कम कर सकता है रुस!

#रूस समर्थकों ने यूक्रेन के तीन युद्धपोतों पर कब्जा जमाया

 

कीव: रूस समर्थक बलों ने आज यूक्रेन के तीन युद्धपोतों पर कब्जा कर लिया और यूक्रेन ने कहा कि उसके सैनिकों को क्रीमिया में धमकाया जा रहा है क्योंकि अमेरिका ने काला सागर में रूस की कदम के बाद उस पर नये बैन लगाये हैं. क्षेत्र में अभी तक बड़े पैमाने पर तनाव बना हुआ है जबकि रूस समर्थक बलों ने यूक्रेन के नौसेना कमांडर को रिहा कर दिया है.

 

गोलियां चलायी गयी हैं लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं हैं. यूक्रेन के पोत कोर्वेट्टे खेमलनित्सकी पर सेवास्तोपोल में कब्जा जमा लिया गया. एक और जहाज लुत्स्क को भी रूस समर्थक बल घेरे हुए थे. बाद में देखा गया कि तीसरे जहाज तेरनोपिल कोर्वेट्टे से यूक्रेन के सुरक्षाकर्मी बाहर निकल रहे हैं. रक्षा मंत्रालय को फिलहाल इन घटनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

 

इंटरफैक्स संवाद समिति के अनुसार यूक्रेन के रक्षा उप मंत्री लियोनिड पालवाकोव ने रूसी सैनिकों पर उन सैन्य ठिकानों पर धावा बोलने की लगातार धमकी देने का आरोप लगाया जहां यूक्रेन सैनिक तैनात है.

 

संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत ने जिनेवा में आगाह किया कि दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में भारी गिरावट आ रही है. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि रूस उनके देश के कई हिस्सों में सैन्य ‘‘हमले’’ की तैयारी कर रहा है.

 

#ओबामा ने यूक्रेन संकट को लेकर रूस पर लगाये नये बैन

 

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूक्रेन में रूस की कार्रवाई की प्रतिक्रिया में रूस पर अतिरिक्त बैन लगाये जिनमें मुख्य तौर पर उसकी अर्थव्यवस्था, व्यक्तियों और एक बैंक को निशाना बनाया गया है. ओबामा ने इस संबंध में एक सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही पल बाद व्हाइट हाउस में पत्रकारों को यह जानकारी दी.

 

उन्होंने कहा ‘‘हमने पहुंच और प्रभाव वाले कई और लोगों पर आज बैन लगाए जिन्होंने रूसी नेतृत्व को सुविधाएं मुहैया कराई है. इसी के साथ एक बैंक पर भी बैन लगाया गया जिसने इन लोगों का सहयोग किया. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब हम वो कदम उठा रहे हैं जो रूस द्वारा क्रीमिया में की गयी कार्रवाई की प्रतिक्रिया के हिस्सा हैं. दुनिया इसे जबरदस्त चिंता के साथ देख रही है क्योंकि रूस ने अपनी सेना को इस तरह से तैनात कर दिया है कि दक्षिणी एवं पूर्वी यूक्रेन में और घुसपैठ हो सकती है.’’

 

ओबामा ने कहा कि इसी कारण से अमेरिका अपने यूरोपीय पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि अगर रूस स्थिति को बिगाड़ना जारी रखता है तो अधिक कठोर कदम उठाये जा सकें.

 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने एक नये सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर किये हैं. इस आदेश के कारण प्रशासन को न केवल लोगों बल्कि रूस की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर बैन लगाने का अधिकार मिल जायेगा.

 

#अभी भी यूक्रेन संकट को कम कर सकता है रूस: अमेरिका

 

वाशिंगटन: मॉस्को द्वारा अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किए जाने के आरोप दोहराते हुए व्हाइट हाउस ने कहा है कि रूस चाहे तो अभी भी यूक्रेन में चल रहे संकट को कम कर सकता है.

 

व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जे कार्नी ने कल संवाददाताओं से कहा, ‘‘बैन लगाना हमारे लिए प्राथमिक नहीं है क्योंकि ये बैन रूसी अर्थव्यवस्था को तो प्रभावित करेंगे ही, साथ ही ये वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकते हैं.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन रूस ने खुले तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्ल्घन करने के साथ-साथ यूक्रेन के साथ किए गए समझौतों का भी उल्लंघन किया है.’’

 

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘रूस के पास अभी भी इस संकट को कम करने का मौका है. ऐसा संभव है यदि वह यूक्रेन की सरकार के साथ उन मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, यूक्रेन की संप्रभुता का उल्लंघन किए बिना चर्चा करे, जो रूसी सरकार की चिंता का विषय हैं.’’

 

कार्नी ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूसी सरकार के अन्य अधिकारियों को इस बात पर हैरानी नहीं होनी चाहिए कि यह कार्रवाई अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा की जा रही है.

 

#यूरोपीय संसद के अध्यक्ष ने कहा, यूक्रेन संकट से यूरोप में युद्ध का खतरा

 

ब्रसेल्स: यूक्रेन के संकट को लेकर यूरोपीय युनियन के नेताओं की बैठक के बीच यूरोपीय संसद के अध्यक्ष मार्टिन शुल्ज ने कहा है कि यूक्रेन के संकट ने यूरोप में युद्ध का खतरा दोबारा पैदा कर दिया है.

 

शुल्ज ने कल यूरोपीय युनियन के 28 नेताओं के शिखर सम्मेलन की शुरूआत करते हुए कहा कि इस साल प्रथम विश्व युद्ध शुरू होने के 100 साल पूरे होने पर किसने सोचा था ‘‘कि यूरोपीय संघ के साथ सीमा साझा करने वाले एक देश में युद्ध की एक वास्तविक संभावना बन सकती है ?’’

 

संवाददाता सम्मेलन में अपनी टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछे जाने पर शुल्ज ने कहा कि यूरोपीय युनियन के नेता अपने उपर इतिहास का भार महसूस कर रहे हैं और उन्हें लग रहा है कि ‘‘कुछ बदल गया है.’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने सोचा कि युद्ध और युद्ध का खतरा अब चर्चा का विषय नहीं होगा. लेकिन अगर हम इन घटनाक्रमों को देखें तो हम सशस्त्र संघर्ष के खतरे की बात कर रहे हैं.’’

 

यूरोपीय संसद के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हालांकि स्थिति 1914 जैसी नहीं है जब यूरोप ‘सोते हुए युद्ध की तरफ बढ़ा’ क्योंकि देश अब एक दूसरे के साथ लगातार संपर्क में हैं.’’ शुल्ज ने कहा कि यूरोपीय संघ को एक संदेश देना चाहिए रूस को अपनी कार्रवाइयों के लिए कीमत चुकानी होगी.

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Web Title: रूसी समर्थकों का यूक्रेनी युद्धपोतों पर कब्जे से यूरोप में युद्ध का खतरा, अमेरिका ने नए प्रतिबंध लगाते हुए कहा कि संकट कम कर सकता है रुस!
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