रूस ने यूक्रेन पर जेनेवा वार्ता का प्रस्ताव खारिज किया

रूस ने यूक्रेन पर जेनेवा वार्ता का प्रस्ताव खारिज किया

By: | Updated: 07 May 2014 03:22 AM

मास्को: रूस ने यूक्रेन में शांति बहाली के लिए नए सिरे से जेनेवा वार्ता आयोजित करने की संभावना को खारिज किया है और कहा है कि पूर्व में हुए जेनेवा समझौते को ही उचित तरीके से लागू नहीं किया गया है. बीबीसी के मुताबिक रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लैवरोव ने कहा है कि पिछले महीने अमेरिका, यूरोपीय संघ और रूस के बीच हुए समझौते का ही कोई फल नहीं निकला है और जब लोगों के खिलाफ सेना का इस्तेमाल किया जा रहा है तो ऐसे में नए दौर की वार्ता का कोई मतलब नहीं बनता.

 

लैवरोव ने यह भी कहा कि यूक्रेन में तनाव खत्म करने के लिए नए दौर की वार्ता में विपक्षी नेताओं को भी शामिल किया जाना चाहिए.

 

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, लैवरोव ने कहा कि यूक्रेन में तनाव खत्म करने के लिए आगामी वार्ता में समझौते की मेज पर रूस समर्थक प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाना चाहिए.

 

लैवरोव ने कहा कि उनका मानना है कि जेनेवा में आगामी दौर की वार्ता होती है तो उसमें यदि रूस समर्थक प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए. यदि उन्हें इसमें शामिल नहीं किया जाता है तो वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकल सकेगा.

 

दूसरी ओर, यूक्रेन के अधिकारियों ने ओडेस्सा के दक्षिणी हिस्से में सरकारी सेना और रूस समर्थक प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष रोकने के लिए विशेष इकाई भेजी है.

 

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, कीव ने कहा है कि 'नागरिक कार्यकर्ता' आधारित बल को स्थानीय पुलिस की जगह लगाया जाएगा. स्थानीय पुलिस विद्रोहियों पर काबू पाने में विफल रही है.

 

शुक्रवार को सरकार समर्थक और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष में 43 लोग मारे गए और 174 अन्य घायल हो गए.

 

मारे गए लोगों में से ज्यादातर रूस समर्थक प्रदर्शनकारी थे. जिस भवन पर रूस समर्थक प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर रखा था, उसमें विरोधी गुट ने आग लगा दी जिससे 30 लोगों की मौत दम घुटने से हो गई. अन्य आठ लोग जान बचाने के लिए खिड़की से कूद गए. इन सभी की मौत हो गई.

 

विशेष बल को रवाना किए जाने को इस बात के संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि कीव को डर है कि ओडेस्सा में स्थिति गृहयुद्ध की तरफ अग्रसर है.

 

ओडेस्सा खोने का मतलब नई सरकार के लिए विनाशकारी होगा क्योंकि इससे देश का काला सागर के साथ संपर्क खत्म हो जाएगा.

 

यूक्रेन मार्च में महत्वपूर्ण तटीय इलाके खो चुका है. उस समय जनमत संग्रह में क्रीमिया ने रूस में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया.

 

इस बीच कीव ने पूर्वी शहर स्लोविआन्स्क में में सोमवार को 'आतंक विरोधी' नया अभियान शुरू किया. शहर पर रूस समर्थक प्रदर्शनकारियों का कब्जा है.

 

गृह मंत्रालय के मुताबिक, अभियान के दौरान कम से कम चार यूक्रेनी सैनिक मारे गए हैं और 30 घायल हुए हैं.

 

जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रैंक वाल्टर स्टेनीमिअर ने यूक्रेन संकट के समाधान के लिए पांच सूत्री योजना पेश की है

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