वायु प्रदूषण ने 2012 में 70 लाख लोगों की जान ली: डब्ल्यूएचओ

वायु प्रदूषण ने 2012 में 70 लाख लोगों की जान ली: डब्ल्यूएचओ

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

जिनेवा: संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने आज बताया कि वायु प्रदूषण के कारण 2012 में दुनिया भर में 70 लाख लोगों की मौत हुई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन में सार्वजनिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य की प्रमुख मारिया नीरा ने कहा, ‘‘ घर के भीतर और बाहर वायु प्रदूषण अब एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या है और यह विकसित और विकासशील दोनों तरह के देशों को प्रभावित कर रही है.’’

 

डब्ल्यूएचओ के नए अनुसंधान के अनुसार वैश्विक स्तर पर 2012 में आठ में से एक व्यक्ति की मौत प्रदूषण से जुड़ी है. प्रदूषण के कारण जो घातक बीमारियां होती हैं, उनमें हृदय संबंधी रोग, फेफड़ों संबंधी बीमारियां और फेफड़ों का कैंसर शामिल हैं. डब्ल्यूएचओ के अनुसार वैश्विक स्तर पर प्रदूषण के कारण सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में भारत और इंडोनेशिया समेत दक्षिणपूर्वी एशिया तथा चीन और दक्षिण कोरिया से लेकर जापान और फिलीपीन तक शामिल हैं.

 

घर के भीतर मुख्य रूप से कोयला, लकड़ी और जैव इर्ंधन स्टोव से खाना बनाने और अन्य कारणों से हुए प्रदूषण से 43 लाख लोगों की मौत हुई है. कोयला ताप आग से लेकर डीजन इंजन तक बाहरी प्रदूषण के स्रोतों से 37 लाख लोगों की जान गई है.

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