श्रीलंका को खुश करने में जुटा भारत, श्रीलंका के खिलाफ मतदान नहीं करेगा

By: | Last Updated: Thursday, 27 March 2014 3:58 PM

नई दिल्ली: दक्षिणी पड़ोसी देश को खुश करने वाला एक कदम उठाते हुए भारत ने गुरुवार को आश्चर्यजनक फैसला लेते हुए कहा कि वह श्रीलंका के खिलाफ जेनेवा में मानवाधिकार परिषद में होने वाले मतदान में हिस्सा नहीं लेगा. यह प्रस्ताव युद्ध अपराधों की जांच में श्रीलंका की विफलता के कारण लाया जा रहा है. भारत ने कहा है कि प्रस्ताव में श्रीलंका द्वारा तमिल बहुल इलाकों में चुनाव कराने सहित सामंजस्य के प्रयासों को नजरअंदाज किया गया है.

 

माना जा रहा था कि भारत संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का पूर्व की भांति समर्थन करेगा, लेकिन इसके विपरीत नई दिल्ली ने गुरुवार को कहा कि ‘वह विचाराधीन प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा और मतदान से बाहर रहेगा.’

 

भारत ने कहा है, “संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय (ओएचसीएचआर) को श्रीलंका में मानवाधिकार की स्थिति की जांच, आकलन और निगरानी करने के लिए कहते हुए प्रस्ताव में देश में हुई प्रगति को नजरअंदाज किया गया है.”

 

प्रस्ताव को ठुकराते हुए भारत ने कहा है, “विचारणीय है कि देश के प्रयासों में सकारात्मक सहयोग करने की जगह प्रस्ताव उसके प्रयासों की उपेक्षा करने वाला है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है.”

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Web Title: श्रीलंका को खुश करने में जुटा भारत, श्रीलंका के खिलाफ मतदान नहीं करेगा
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