'हिलेरी की हिम्‍मत से हुआ था ओसमा का खात्‍मा'

'हिलेरी की हिम्‍मत से हुआ था ओसमा का खात्‍मा'

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

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<b>वॉशिंगटन: </b>एक नई किताब में
दावा किया गया है कि अमेरिकी
राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने
खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन
लादेन को मारने वाले अभियान
को तीन बार स्‍थगित किया था.
लेकिन विदेश मंत्री हिलेरी
क्लिंटन के जोर देने पर
उन्‍होंने इसे मंजूरी दी थी.<br /><br />'वॉल
स्ट्रीट जनरल', 'वॉशिंगटन
टाइम्स' और 'संडे टाइम्‍स' के
पूर्व पत्रकार रिची मिंटर ने
अपनी नई किताब में संयुक्त
अभियान कमांड के अनाम
सूत्रों के हवाले से दावा
किया है कि ओबामा ने जनवरी,
फरवरी और मार्च 2011 में ओसामा
को मारने के तीन मिशनों को
रद्द कर दिया था.<br /><br />मेल
ऑनलाइन ने मिंटर की इस किताब
'लीडिंग फ्रॉम बिहाइंड, द
रिलक्टेंट प्रेसीडेंट एंड द
एडवाइजर्स हू डिसाइड फॉर हिम'
के कुछ भागों को प्रकाशित
करते हुए दावा किया है कि
ओबामा को इस बात का डर था कि
पाकिस्तान के एबटाबाद स्थित
ओसामा के ठिकाने पर नेवी सील
कमांडो का अभियान गलत हो सकता
है और उसका सारा दोष उन पर आ
सकता है.<br /><br />गौरतलब है कि मई 2011
में पाकिस्तान के एबटाबाद
में एक परिसर में अमेरिकी
नौसेना के सील्स कमांडो की
कार्रवाई में बिन लादेन मारा
गया था.<br /><br />इस किताब में दावा
किया गया है कि व्‍हाइट हाउस
का वह बयान गलत है जिसमें
सतर्कतापूर्वक ओबामा को ऐसा
निर्णायक नेता बताया गया था
जिसने अल-कायदा प्रमुख के
खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दी.
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मिंटर ने अपनी किता में ओबामा
के फिर से निर्वाचित होने के
लिए बताए गए उस दावे को
चुनौती दी है, जिसमें कहा जा
रहा था कि ओसामा को मार
गिराने के फैसले से ओबामा के
दृढ़ निश्चय का पता चलता है.<br /><br />मिनटर
ने लिखा है, 'राष्ट्रपति के
कार्यकाल के अपने शुरुआती
दिनों में ओबामा इस बात को
लेकर फैसला नहीं ले पा रहे थे
कि 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड
को मार गिराया जाए या नहीं.'
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किताब में कहा गया है कि जब
ओसामा के खिलाफ कार्रवाई की
रूपरेखा तैयार की जा रही थी
तो ओबामा इससे खुद को अलग ही
रखते थे.<br /><br />किताब में ओबामा
को तीन महिलाओं से अत्यधिक
प्रभावित बताया गया है
जिसमें हिलेरी क्लिंटन,
पत्नी मिशेल और लंबे समय से
सलाहकार और विश्वस्त वलेरी
जारेट शामिल हैं. हिलेरी
क्लिंटन की राय थी कि लादेन
को मारने का आदेश दिया जाए,
लेकिन जारेट इस पक्ष में नहीं
थीं.<br /><br />वह जारेट ही थी
जिन्‍होंने ओसामा के
खात्‍मे के लिए बनाए गए तीनों
मिशनों को स्‍थगित करने की
अपील ओबामा से की थी.<br /><br />मिंटर
ने किताब में लिखा है कि इन
दोनों के विपरीत विचारों के
बीच ओबामा कोई अंतिम फैसला
नहीं कर पा रहे थे. आखिरकार
हिलेरी ने सीआईए के तत्कालीन
प्रमुख लियोन पनेटा और
अफगानिस्तान में अमेरिकी
फौज का नेतृत्व करने वाले
डेविड पैट्रियस से अपनी
नजदीकी का सहारा लिया और
ओबामा को लादेन को मारने का
आदेश देने के लिए राजी कर
लिया.<br /><br />किताब में कहा गया
है, 'हिलेरी क्लिंटन को यह बात
अच्‍छी तरह पता था कि उनके
पति को 9/11 हमले से पहले ओसामा
बिन लादेन को न रोक पाने की
राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ी
थी. उन्‍हें पता था कि अगर
लादेन के सामने होते हुए भी
उसे अमेरिका नहीं मार पाता है
तो ओबामा की हुकूमत को गहरा
झटका लगेगा.'<br /><br />यहां तक कि
बिन लादेन के खात्‍मे से एक
दिन पहले भी ओबामा अंतिम
फैसला नहीं ले पा रहे थे.<br /><br />हालांकि
अगले दिन व्‍हाइट हाउस ने कहा
था कि खराब मौसम के चलते
आखिरी वक्‍त में देरी हुई,
लेकिन मिंटर ने किताब में
लिखा है कि उन्‍होंने
अमेरिकी एयरफोर्स के मौसम
विभाग की रिपोर्ट पढ़ी थी,
जिसमें सील के ऑपरेशन के लिए
मौसम को बेहतर बताया गया था.<br />
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