हैदराबाद में जन्मे सत्या नडेला बने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ

By: | Last Updated: Tuesday, 4 February 2014 2:19 PM

न्यूयार्क:  भारतीय मूल के सत्या नडेला दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के नए मुख्य कार्यकारी (सीईओ) अधिकारी बन गए हैं.

 

आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों से उनके सीओ बनने की चर्चा थी.

 

दो महीने पहले समाचार एजेंसी ब्लूमर्ब ने खबर दी थी कि आगामी मुख्य कार्यकारी अधिकारी की खोज के लिए कंपनी भारतीय मूल के सत्या नडेला और फोर्ड मोटर कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलान मुलाली के नाम पर प्रमुखता से विचार कर रही है.

 

गौरतलब है कि माइक्रोसॉफ्ट के वर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टीव बामर ने इस साल अगस्त में यह घोषणा की थी कि वह 12 महीने में सेवानिवृत्त होना चाहते हैं. इसके बाद से कंपनी तेजी से अपने नए मुखिया के चुनाव में लग गई थी.

 

सत्या नडेला अभी माइक्रोसॉफ्ट के कार्यकारी उपाध्यक्ष थे. उनका जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ था.

 

माइक्रोसॉफ्ट के 38 साल के इतिहास को देखें, तो नडेला कंपनी के तीसरे सीईओ हैं. इससे पहले बिल गेट्स और स्टीव बॉमर के पास ये जिम्मेदारी थी.

 

सीईओ क्यों चुने गए नडेला?

 

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ रहे स्टीव बामर ने पिछले साल अगस्त में एलान कर दिया था कि वो पद छोड़ने वाले हैं. तभी से कंपनी के नई सीईओ की तलाश शुरू हो गई थी.

 

दो महीने पहले समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने खबर दी कि फोर्ड मोटर्स के सीईओ एलेन मुलालील या फिर माइक्रोसॉफ्ट के वाइस प्रेसिडेंट सत्या नडेला को ये जिम्मेदारी मिल सकती है.

 

तब बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि ये ताज सत्या नडेला के सिर सज सकता है.

 

फोर्ब्स की ये रिपोर्ट माइक्रोसॉफ्ट के अंदरूनी सूत्रों पर आधारित थी.

 

दरअसल सत्या नडेला में कंपनी का भरोसा अपने काम से जीता. स्टीव बामर ने जब पिछले साल जुलाई में माइक्रोसॉफ्ट के ढांचे में बदलाव किया. नडेला को क्लाउड कंप्यूटिंग का कारोबार चलाने की जिम्मेदारी मिली.

 

सत्या नडेला की उपलब्धियां

 

सत्या नडेला ने सर्च इंजन बिंग और माइक्रोसोफ्ट ऑफिस के क्लाउड वर्जन ऑफिस 365 को लांच करने में अहम भूमिका निभाई है.

 

नोकिया-माइक्रोसॉफ्ट के बीच कारोबारी समझौते में उनकी बड़ी भूमिका रही.

 

वैसे सत्या 1992 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और कंपनी से मिली भूमिकाओं में खुद को साबित करते आए. उनकी अलग सोच और तेज रणनीति के नतीजे बेहतर रहे.

 

हैदराबाद के आईएएस अफसर की संतान सत्या नडेला की ये खूबियां स्कूली दिनों से ही दिखने लगी थी.

 

सत्या नडेला के सामने चुनौतियां

 

अब सीईओ की भूमिका में सत्या नडेला के पास माइक्रोसॉफ्ट के नए बिजनेस मॉडल को नई कारोबारी ऊंचाई पर ले जाने, कंपनी का पुराना रुतबा लौटाने और शेयरधारकों में नई उम्मीदें जगाने की जिम्मेदारी है.

 

भारतीय मूल के सबसे ताकतवर सीईओ 

 

फॉर्चून कंपनियों की लिस्ट की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की कमान संभालने के साथ ही सत्या नडेला भारतीय मूल के सबसे शक्तिशाली सीईओ बन गए हैं. अब तक ये तमगा पेप्सिको की सीईओ इंदिरा नुई के पास था, जो फॉर्चून लिस्ट की पच्चीसवें नबंर की कंपनी है.

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Web Title: हैदराबाद में जन्मे सत्या नडेला बने माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ
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