'10 वर्षो में पिघल सकती है आर्कटिक की बर्फ'

'10 वर्षो में पिघल सकती है आर्कटिक की बर्फ'

By: | Updated: 01 Jan 1970 12:00 AM

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<b>लंदन: </b>वैज्ञानिकों
ने चेतावनी दी है कि आर्कटिक
सागर की बर्फ 10 वर्षो से कम
समय में पिघल सकती है,
क्योंकि यह ग्लोबल वार्मिग
के कारण पूर्वानुमान से कहीं
ज्यादा तेजी से पिघल रही है.
<br /><br />वैज्ञानिकों ने पिघलने
की इस प्रक्रिया को मौजूदा
अनुमानों से 50 प्रतिशत तीव्र
बताया है. यूरोपीय अंतरिक्ष
एजेंसी द्वारा संचालित नए
उपग्रहों ने खतरनाक तस्वीर
पेश की हैं, जिससे पता चला है
कि पिछले वर्ष के दौरान 900 घन
किलोमीटर बर्फ पिघल चुकी है.<br /><br />समाचार
पत्र डेली मेल में जारी रपट
के अनुसार, यह स्थिति
पर्यावरणविदों के मौजूदा
अनुमानों से 50 प्रतिशत तीव्र
है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि
यह वृद्धि ग्लोबल वार्मिग और
ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन
बढ़ने के कारण हुई है. <br /><br />यदि
अनुमान सही साबित हुए तो पूरा
क्षेत्र बर्फ मुक्त हो सकता
है. युनिवर्सिटी कॉलेज लंदन
के ध्रुवीय अवलोकन एवं
मॉडलिंग केंद्र के सेमौर
लैक्सन ने कहा है, "हमारे
आकड़े के प्राथमिक विश्लेषण
ने संकेत दिया है कि गर्मी के
मौसम में आर्कटिक की बर्फ
पिघलने की दर पहले के अनुमान
से ज्यादा तेज हो सकती है."<br /><br />वज्ञानिकों
ने खासतौर से बर्फ की मोटाई
नापने के लिए क्रायोसैट-2
प्रोब लांच किया था. उस समय तक
अधिकांश अध्ययन बर्फ के
क्षेत्र पर केंद्रित थे।.
बर्फ के विश्लेषण के लिए पानी
में पनडुब्बियां भी भेजी गई
थीं. कहा गया है कि इसके जरिए
जो तस्वीरें मिली हैं, उसमें
उत्तरी ध्रुव के आसपास 2004 से
बर्फ में आए बदलावों का पता
चला है. <br />
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