इराकी बलों ने तिकरित के लिए किया संघर्ष, बगदाद के उपर अमेरिकी ड्रोन

By: | Last Updated: Saturday, 28 June 2014 2:50 AM
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अर्से बीत गए इराक को शांति देखे हुए. अब सब की निगाहें इस पर हैं कि इराक इस मुश्किल दौर से कब और कैसे निकलता है. फोटो: एएफपी

बगदाद: अमेरिका ने आज इस बात की पुष्टि की कि अमेरिकियों को बचाने के लिए उसके सशस्त्र ड्रोन बगदाद के उपर उड़ान भर रहे हैं वहीं इराकी बलों ने तिकरित में एक रणनीतिक महत्व वाले विश्वविद्यालय के परिसर पर कब्जा पाने के लिए संघर्ष किया और उग्रवादियों के कब्जे वाले तिकरित में हवाई हमले किये.

 

सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब शियाओं के शीर्ष गुरू ने देश के नेताओं से एकजुट होने का अनुरोध किया है. इससे पहले प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने स्वीकार किया था कि जिहादियों के हौसलों को नेस्तानाबूद करने के लिए राजनीतिक कदम उठाने की जरूरत है. उग्रवादियों के हमलों में अब तक 1,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और पांच प्रांतों के बड़े हिस्सों में उन्होंने कब्जा कर लिया है.

 

इस बीच अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने हिंसा के मानवीय निष्कर्षों को लेकर चेतावनी दी. पिछले दिनों उत्तर में इसाई बहुल एक कस्बे से करीब 10000 लोगों ने पलायन किया और इस साल इराक में अशांति से अब तक 12 लाख लोग पलायन कर चुके हैं.

 

अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी सेना बगदाद में मौजूद अमेरिकी जवानों और राजनयिकों को जरूरत पड़ने पर बचाने के लिए कुछ सशस्त्र ड्रोनों को उड़ा रही है. लेकिन अधिकारियों ने कहा कि ड्रोनों का इस्तेमाल सुन्नी अरब उग्रवादियों के खिलाफ हमलों के लिए नहीं किया जाएगा.

 

इराकी बलों ने कल हेलीकॉप्टरों के माध्यम से तिकरित यूनिवर्सिटी पर धावा बोला और पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार आज परिसर में कई बार संघर्ष की स्थिति पैदा हुई.

 

सेना के एक आला अधिकारी ने कहा कि इराकी बल तिकरित में हवाई हमले करके उग्रवादियों पर निशाना साध रहे हैं और यूनिवर्सिटी में तैनात जवानों को संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि तिकरित के आसपास हमलों के लिए जवानों को तैनात किया गया है.

 

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तिकरित में विश्वविद्यालय पर फिर से कब्जा करना एक महत्वपूर्ण कदम है. यह इलाका तानाशाह सद्दाम हुसैन का रहा है. सुन्नी अरब उग्रवादियों ने यहां 11 जून को कब्जा कर लिया था. इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड द लेवेंट (आईएसआईएल) के जिहादियों की अगुवाई में गत 9 जून को हमले शुरू हुए जिसमें अन्य संगठन भी शामिल हैं.

 

इराक के कुर्दिश नेता मसूद बरजानी ने कहा कि बगदाद अब किकरुक में अब और लंबे समय तक कुर्दिश के स्वशासन का विरोध नहीं कर सकता.

 

इराक यात्रा पर आये ब्रिटेश के विदेश मंत्री विलियम हेग के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बरजानी ने कहा, ‘‘हम पिछले 10 साल से धर्य रख रहे हैं कि संघीय सरकार इन विवादित क्षेत्रों की समस्याओं का हल निकालेगी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन क्षेत्रों में इराकी बल थे और फिर सुरक्षा को लेकर निर्वात की स्थिति आ गयी जिसे भरने के लिए कुर्दिश बल गये.’’ शिया धर्मगुरू अयातुल्ला अली अल सिस्तानी ने आज इराकी नेताओं से अनुरोध किया कि एकजुट हो जाएं और 1 जुलाई को संसद सत्र शुरू होते ही सरकार का गठन करें.

 

संकट के सैन्य सामधान पर ध्यान केंद्रित करने वाले मलिकी ने कल कहा था कि 1 जुलाई को नयी संसद की शुरूआत से पहले राजनीतिक कदम उठाना भी जरूरी हैं.

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