LIVE सिडनी संकट: 5 बंधक छूटे, बंधकों में एक भारतीय आईटी प्रोफेशनल शामिल

By: | Last Updated: Monday, 15 December 2014 4:21 AM
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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से बड़ी खबर पर हम बने हुए हैं. सिडनी शहर के मशहूर लिंट कैफे में एक हमलावर ने जिन 40 लोगों को बंधक बना रखा था उनमें से तीन लोगों को हमलावर ने छोड़ दिया है. करीब साढे 6 घंटे से बाकी लोग बंधक हैं. इस समय सिडनी शहर में बड़ा पुलिस ऑपरेशन चल रहा है. ऑस्ट्रेलिया के एक कैफे में 40 लोगों को बंधक बनाया गया था जिनमें 30 ग्राहक और 10 कैफे स्टाफ शामिल है. कैफे की खिड़कियों से उन्होंने जो काला झंडा दिखाया है उससे इस हमलावर के जेहादी होने के संकेत मिल रहे हैं. झंडे पर अरबी में कुछ लिखा हुआ है.

 

स्थानीय पुलिस ने थोड़ी देर पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है कि कैफे में एक शख्स है जिसके हाथ में हथियार है. पुलिस ने बंधक बनाए गए लोगों की संख्या के बारे में ठीक ठीक जानकारी नहीं दी है. लेकिन खबरों के मुताबिक कैफे के 10 स्टाफ और 30 ग्राहकों को उसने बंधक बना रखा है. रशिया टुडे के मुताबिक बंदूकधारी ने सुसाइड बेल्ट बांध रखी है. वो रेडियो पर पीएम टोनी एबट से बात करना चाहता है.

 

# हम प्रार्थना कर रहे हैं कि इस स्थिति से शांतिपूर्ण तरीके से निबट लिया जाए. हमारी दुआएं  बंधकों के परिवारीजनों के साथ हैं. 

 

# आईटी कंपनी इंफोसिस का दावा- सिडनी के लिंट चॉकलेट कैफे में एक इंफोसिस कर्मचारी बंधक. इंफोसिस ने परिवार को दी जानकारी.

 

# ऑस्ट्रेलिया में सिडनी संकट पर वेंकैया नायडू का नया बयान, कहा-आईटी प्रोफेशनल के बंधक होने की खबर की पुष्टि नहीं

 

# सिडनी हमले पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा- लिंट कैफे में एक भारतीय भी बंधक. आईटी कंपनी में काम करता है.

 

# बंधकों की सुरक्षा सबसे अहम. बंधकों को छुड़ाने की कोशिशें जारी. फेसबुक, ट्विटर की मदद ले रहे हैं-पुलिस

 

# कैफे में 50 नहीं बल्कि 15लोग बंधक हैं,जिनमें महिलाएं,युवा और बूढ़े लोग शामिल हैं लेकिन कैफे में कोई बच्चा नहीं है- क्रिस रीजन

 

#  चैनल 7 के पत्रकार क्रिस का दावा- हमलावर ने सफेद शर्ट और काली टोपी पहनी है. उसके दाढ़ी है और उसके पास एक शॉटगन है. कैफे में 50 नहीं बल्कि 15 लोग बंधक हैं.

 

# जिस जगह कैफे है वहीं पर चैनल सेवन का दफ्तर है जिसे सुबह पुलिस ने खाली करा दिया था. चैनल के एक पत्रकार पुलिस की इजाजत लेकर वापस अपने दफ्तर पहुंचे जहां से उन्हें कैफे दिख रहा है. टिवटर पर क्रिस रिजन ने अपनी आँखों देखी बताई है.

 

# बंधक लोगों में से एक और शख्स बाहर निकला, अब तक कुल 6 लोग छूटे

 

# कैफे में बंधक कुछ लोगों में से 2 और महिलाएं निकलीं. पहले 3 लोग, अब 2 लोग छूटे, अब तक कुल मिलाकर 5 बंधक हमलावर कब्जे से निकले- 7 न्यूज़

 

# सिडनी कैफे में मौजूद बंदूकधारी से न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने संपर्क किया. कैफे में 30 बंधक होने का अनुमान

 

# न्यू साउथ वेल्स की उपायुक्त कैथरीन बर्न ने बताया कि मार्टिन प्लेस स्थित लिंड्ट कैफे से बाहर आए तीन लोग पुलिस के साथ हैं

 

# हमलावर ने कैफे में बंधक 40 लोगों में से 3 लोगों को हमलावर ने छोड़ा. छूटने वालों में 2 लोगऔर एक स्टाफ शामिल – पुलिस

 

# सिडनी में कैफे से कुछ बंधकों के भागने की खबर. 3 बंधक भागते हुए दिखे. बंदूकधारी के कब्जे से भागे बंधक-रॉयटर्स के हवाले से खबर.

 

# सिडनी में होस्टेज क्राइसिस को देखते हुए 10 बजे गृह मंत्रालय में बैठक.सिंगल वोल्फ स्ट्रैटजी से निपटने पर चर्चा होगी.

 

# भारतीय कांसुलेट जनरल दफ्तर बंद कर दिया गया है. सरकार के संपर्क में हैं.  हाई कमिश्नर, कांसुलेट जनरल. कैफे के करीब है  भारतीय कांसुलेट जनरल दफ्तर.

 

# सूत्रों के हवाले से यह भी खबर है कि हमलावर से संपर्क हुआ है. हमलावर से एक रेडियो चैनल ने बातचीत की है.

 

# सूत्रों के मुताबिक बंदूकधारी के पास आत्मघाती बेल्ट मौजूद है. इस घटना में आतंकी संगठन अल नुसरा का हाथ है. अल नुसरा आतंकी संगठन ISIS और अल कायदा से जुड़ा हुआ संगठन है.

 

क्या है अल नुसरा?

इस हमले में आतंकी सगंठन अल नुसरा का हाथ हो सकता है. अल नुसरा नाम का आतंकी संगठन मुख्य रूप से सीरिया में सक्रिय है. अल नुसरा को अल कायदा और आईएस आईएस का ही अंग माना जाता है. सीरिया और इराक में अल कायदा के कमजोर होने के बाद अल कायदा के ही एक ग्रुप ने साल 2012 में इस आतंकी संगठन को बनाया था. अबु मोहम्मद अल जुलानी इस संगठन का प्रमुख है. सीरिया में अब तक ये संगठन पचास से ज्यादा आत्मघाती हमले कर चुका है. ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई देशों में इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है.

 

# सिडनी की घटना पर पीएम रेंद्र मोदी का बयान आया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, ” ऐसी घटना अमानवीय और चिंताजनक. लोगों की सुरक्षा के लिए मैं प्रार्थना करता हूं.”

# न्यू साउथ वेल्स के पुलिस  कमिश्रर एंड्यू सैपियॉन ने कहा  है कि कैफे के अंदर कितने लोग हैं इसकी सहीं संख्या अभी नहीं पता है. कैफे के अंदर एक बंदूकधारी है. हम इस घटना से शांति से निपटना चाहते हैं. अभी तक बंधक बनाने वालों से संपर्क नहीं हुआ है. हमारी घटना के सभी पहलुओं पर नजर है. हम इस घटना को आतंकी हमले की तरह देख रहे हैं.”

 

# ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि, ”यह पूरी घटना चिंताजनक है. ऑस्ट्रेलिया शांतिप्रिय देश है, लोग घबराएं नहीं और अपना काम करते रहें. राष्ट्रीय सुरक्षा कमटी पूरे हालात पर नजर बनाए हुए है और जल्द से जल्द इस घटना से निबटा जाएगा. पीएम एबट ने लोगों से ऐहतियात बरतने की अपील की है. ”

 

# एबट ने ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमें अब तक अपराधी के उद्देश्य का पता नहीं चला है, हम नहीं जानते कि यह राजनीति से प्रेरित है हालांकि जाहिर तौर पर उसके ऐसा होने के संकेत हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे समाज में भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहेंगे.’

 

कैफे के आसपास पर जबर्दस्त पुलिस फोर्स का जमावड़ा है. जिस जगह कैफे है उस जगह को मार्टिन प्लेस कहते है. इसी जगह पर सिडनी का ओपेरा हाउस भी है. कैफे का एक छोर एलिजाबेथ स्ट्रीट पर खुलता है.

ऑस्ट्रेलिया पुलिस आतंकी हमले से इनकार नहीं किया है. वो घटना को आतंकी हमले की तरह देख रहे हैं. एहतियात के तौर पर पुलिस ने आसपास की बिल्डिंगें खाली करा दी हैं. इसमें चैनल सेवन का दफ्तर भी शामिल है जो कैफे के बिलकुल सामने है. ऑस्ट्रेलिया के मीडिया से आ रही खबरों में अभी तक किसी भी तरफ से फायरिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई है. पुलिस मुस्तैद है लेकिन पहली कोशिश है कि किसी तरह से उनसे बात हो सके.

 

कैफे की खिड़कियों से उन्होंने जो काला झंडा दिखाया है उससे उनके जेहादी होने के संकेत मिल रहे हैं. झंडे पर अरबी में लिखा हुआ है. बंधक बनाने वालें ने बंधक बनाए गए लोगों को भी खिड़की के सामने लाकर खड़ा कर दिया जिसमें वो हाथ ऊपर किए खड़े हैं.

 

भारतीय समय के मुताबिक सुबह करीब 6 बजे कैफे में बंधक बनाने वाला हमलावर घुसा था. ऑस्ट्रेलिया के सूत्रों ने पुष्टि की है कोई भी भारतीय बंधक नहीं है.

एहतियात के तौर पर पुलिस ने आसपास की बिल्डिंगें खाली करा दी हैं. इसमें चैनल सेवन का दफ्तर भी शामिल है जो कैफे के बिलकुल सामने है. ऑस्ट्रेलिया के मीडिया से आ रही खबरों में अभी तक किसी भी तरफ से फायरिंग जैसी कोई घटना नहीं हुई है. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबट ने लोगों को बंधक बनाए जाने को गंभीर घटना बताया है.

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